Ranchi: झारखंड आंदोलन के महानायक और जन-जन के प्रिय दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन को दिए जाने वाले ‘पद्म भूषण सम्मान को उनकी धर्मपत्नी रूपी सोरेन और बहू कल्पना सोरेन ग्रहण करेंगी. झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने इस बात की आधिकारिक जानकारी साझा की है. यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान शिबू सोरेन को सार्वजनिक जीवन में उनके अद्वितीय, दूरगामी योगदान और पृथक झारखंड राज्य के निर्माण में निभाई गई उनकी ऐतिहासिक व निर्णायक भूमिका के लिए दिया जा रहा है.
संघर्ष से शिखर तक का सफर
गौरतलब है कि बीते वर्ष 4 अगस्त 2025 को एक लंबी बीमारी के बाद शिबू सोरेन का निधन हो गया था. अपने जीवनकाल में वह लगातार 8 बार लोकसभा के सांसद चुने गए और यूपीए सरकार के दौरान उन्होंने केंद्रीय कोयला मंत्री के रूप में भी देश को अपनी सेवाएं दीं. अपने अंतिम दिनों में भी वह राज्यसभा सांसद के रूप में जनता की आवाज बने हुए थे.

राजनीतिक दिग्गज के साथ-साथ एक महान समाज सुधारक
• महाजनी व्यवस्था के खिलाफ बिगुल: उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत आदिवासियों और गरीबों का शोषण करने वाली महाजनी व साहूकारी प्रथा के खिलाफ उग्र संघर्ष से की थी.
• शिक्षा की अलख: आदिवासियों को साक्षर और जागरूक बनाने के लिए उन्होंने रात में ‘रात्रि पाठशालाओं’ का संचालन किया.
• समाजिक बुराइयों पर प्रहार: उन्होंने समाज को नशामुक्त बनाने के लिए बड़े पैमाने पर शराबबंदी आंदोलन चलाया.
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