सरायकेला: अवैध बालू परिवहन का खेल बेखौफ, ओवरलोडिंग से सरकार को राजस्व का नुकसान

Seraikela : जिला के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार और ओवरलोडिंग दिनदहाड़े जारी है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि...

अवैध बालू परिवहन

Seraikela : जिला के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार और ओवरलोडिंग दिनदहाड़े जारी है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई के अभाव में बालू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और इससे सरकार को राजस्व की भारी क्षति हो रही है.

ओवरलोडिंग और फर्जी चालान का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार 10 चक्का हाईवा में लगभग 750 CFT और 12 चक्का हाईवा में 1200 CFT तक बालू लोड किया जा रहा है. जबकि परिवहन के लिए कथित तौर पर केवल 400 CFT का ही चालान बनाया जाता है. लोगों का कहना है कि यदि यह सही है तो हर ट्रिप में सैकड़ों CFT बालू बिना वैध चालान के परिवहन हो रहा है, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है.

वसूली और महंगी बालू का आरोप

सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि बालू परिवहन के दौरान विभिन्न स्तरों पर कथित वसूली होती है. बताया जा रहा है कि 10 चक्का से प्रति ट्रिप लगभग ₹3,000 और 12 चक्का से ₹6,000 तक एंट्री ली जाती है. इसके अलावा मासिक वसूली का भी आरोप है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इन सभी खर्चों के बाद एक हाईवा बालू ग्राहक तक पहुंचते-पहुंचते ₹40,000 से ₹42,000 तक पहुंच जाती है. इसी कारण बाजार में बालू की कीमत बढ़ गई है, जिसका असर आम लोगों और निर्माण कार्यों पर पड़ रहा है.

जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से अवैध खनन और ओवरलोडिंग की शिकायतें हो रही हैं, लेकिन इस पर न तो जनप्रतिनिधियों की ओर से ठोस पहल हुई और न ही प्रभावी कार्रवाई देखने को मिली.

थाना प्रभारी से जवाब मांगने पर फोन काटने का आरोप

इस संबंध में जब ईचागढ़ थाना प्रभारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा बालू चालान से चल रहा है. ओवरलोडिंग और CFT की सीमा को लेकर सवाल पूछने पर उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया और कथित तौर पर फोन काट दिया. इस घटना के बाद लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है. उनका कहना है कि अगर सब कुछ नियम से हो रहा है तो अधिकारी जवाब देने से क्यों बच रहे हैं.

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि :

  • पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
  • ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई हो
  • अवैध खनन में संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए
  • राजस्व की हो रही क्षति को रोका जाए

 

लोगों का कहना है कि अगर आरोप सही हैं तो दोषियों पर कार्रवाई हो, और अगर आरोप गलत हैं तो प्रशासन तथ्य सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करे. गाड़ी के ओवरलोडिंग के कारण सड़क दुर्घटना देखने मिलता,सड़क की क्षमता से अपेक्षा ओवर लोडिंग से सड़क स्थित जर्जर होती जा रहा हे।रप्तार ओर ओवरलोडिंग पर उठ रहा सवाल..?

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