Ranchi: झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और प्रतिभाओं को मंच देने के लिए होटवार स्थित ‘झारखंड कला मंदिर’ में सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है. यहां नृत्य, संगीत, वादन, चित्रकला और नाटक सहित कुल 22 विधाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को कला की बारीकियों से परिचित कर उन्हें मंच के लिए तैयार करना है. खास बात यह है कि यहां 5 साल के छोटे बच्चों से लेकर युवाओं तक सभी के लिए सीखने का अवसर उपलब्ध है.
लोक से शास्त्रीय तक, हर कला का संगम
संस्थान में नागपुरी लोक नृत्य, उरांव और मुंडारी जनजातीय नृत्य के साथ-साथ ओडिसी, कथक और भरतनाट्यम जैसे शास्त्रीय नृत्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा. वहीं गायन में नागपुरी लोक, शास्त्रीय और भाव संगीत सिखाया जाएगा. वादन में मांदर, तबला, बांसुरी, गिटार, की-बोर्ड, वायलिन और लोक सारंगी शामिल हैं. इसके अलावा पेंटिंग और थिएटर (नाटक) का भी विशेष प्रशिक्षण मिलेगा. यह पहल राज्य के बच्चों और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए उनके हुनर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकती है.
सप्ताह में तीन दिन कक्षाएं
कक्षाओं का संचालन हर सप्ताह शुक्रवार, शनिवार और रविवार को किया जाएगा, जिससे पढ़ाई या अन्य गतिविधियों के साथ संतुलन बना रहे.
आवेदन की प्रक्रिया: फीस भी बेहद किफायती
इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन प्रपत्र ‘झारखंड कला मंदिर’ कार्यालय, होटवार या विभागीय वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं. सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र 31 मई 2026 तक जमा करना होगा. नामांकन के समय केवल 110 रुपये का निबंधन शुल्क लिया जाएगा. सामान्य वर्ग के लिए मासिक शुल्क 150 रुपये है, जबकि SC, ST, OBC और BPL वर्ग के बच्चों के लिए मात्र 50 रुपये प्रतिमाह शुल्क निर्धारित किया गया है.
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