Akshay Kumar Jha
Ranchi: मौजूदा समय में जैसी हालत बीजेपी की है, उससे तो साफ पता चलता है कि पार्टी की हालत ठीक नहीं है. बात इतनी बिगड़ गयी है कि आम कार्यकर्ता अब खुलेआम पार्टी के शीर्ष नेताओं का विरोध कर रहे हैं. आमने-सामने हो कर शायद विरोध ना कर पाए, इसलिए कार्यकर्ता सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया है. दरअसल कुछ दिनों पहले पार्टी की तरफ से मंडल और जिला स्तर पर कमेटियों का गठन हुआ. परंपरा के मुताबिक कमेटी गठन करने के बाद पार्टी के आला पदाधिकारी पार्टी के चयनित कमेटी के सदस्यों को ट्रेनिंग देते हैं. ट्रेनिंग दो दिनों की होती है. उसी ट्रेनिंग को लेकर पार्टी के एक सक्रिय कार्यकर्ता ने सोशल मीडिया पर अपने शीर्ष नेताओं का विरोध किया है.
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“विशेषकर नेता पुत्रों का प्रशिक्षण” कहकर साधा है निशाना
बीजेपी के पूर्व रांची के महानगर उपाध्यक्ष नीरज सिंह ठाकुर ने सोशल मीडिया के फेसबुक प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट डाला है, पोस्ट में वो कह रहे हैं कि “झारखंड में सफलता पूर्वक प्रशिक्षण कराने के लिए प्रशिक्षण विभाग को धन्यवाद, विशेषकर श्री बालमुकुंद सहाय जी को साधुवाद जिनके नेतृत्व में प्रशिक्षण विभाग ने सभी जिलों में दूसरे दलों से आये हुए कार्यकर्ता एवं विशेषकर नेता पुत्रों का प्रशिक्षण कराकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के कालजयी विचार एकात्मानववाद, अंत्योदय एवं उनके कार्यपद्धति को उन कार्यकर्ता तक पहुंचा कर भारतीय जनता पार्टी को और मजबूत करने का काम किया है. ऐसे भारतीय जनता पार्टी के पुराने एवं निष्ठावान कार्यकर्ता को इस प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि आप सभी पूर्व से ही प्रशिक्षित हैं.”

संजय सेठ और राकेश प्रसाद के बेटों पर साधा है निशाना
NewsWave Jharkhand संवाददाता ने बीजेपी के कुछ पुराने पदाधिकारियों से बात की. बातचीत के दौरान जानने की कोशिश की कि आखिर यह सारी बातें किसके बारे में लिखी गयी है. बातचीत के दौरान पता चला कि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद की ओर इशारा किया गया है. दरअसल इन दोनों के बेटों को भी पार्टी की तरफ से प्रशिक्षण दिया गया और साथ ही पार्टी के बड़े नेताओं से जुड़े लोगों को भी प्रशिक्षण में बुलाया गया. लेकिन पार्टी के ऐसे कार्यकर्ता जो पार्टी से बिना किसी शर्त के जुड़े हुए हैं, उन्हें प्रशिक्षण से दूर रखा गया. इसी का विरोध पार्टी में खुलकर हो रहा है.
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बाबूलाल का भी हो रहा है पार्टी में विरोध
बातचीत में यह बात भी सामने आयी है कि पार्टी के शीर्ष पद पर बैठे बाबूलाल मरांडी की कार्यशैली से भी कुछ कार्यकर्ता नाराज हैं. बात खुलकर तो नहीं रख पा रहे हैं. लेकिन धीमे स्वर में विरोध जरूर कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं को तरजीह ना देकर बाहर से आए लोगों की पूछ हो रही है. ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है.
