Pakur: जिले के हिरणपुर इलाके में इन दिनों खेतों में सिर्फ फसल के अवशेष नहीं जल रहे, बल्कि लापरवाही की ऐसी आग भड़क रही है, जो कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है. गेहूं की कटाई के बाद किसान तेजी से पराली में आग लगा रहे हैं, जिससे न सिर्फ प्रदूषण फैल रहा है, बल्कि पूरा इलाका खतरे की जद में आ गया है.
तेज हवाओं ने बढ़ाया खतरा
दोपहर की तेज, गर्म और धूल भरी हवाएं इन लपटों को और खतरनाक बना रही हैं. हालात ऐसे हैं कि खेत में लगाई गई एक छोटी सी आग पलक झपकते ही आसपास के कई एकड़ तक फैल सकती है. ग्रामीणों में डर का माहौल है और सभी को आशंका है कि कहीं यह आग रिहायशी इलाकों तक न पहुंच जाए.
पशु, खलिहान और घर भी खतरे में
पराली जलाने का यह सिलसिला सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुओं के ठिकानों, खलिहानों और घरों तक के लिए खतरा बनता जा रहा है. एक छोटी सी चिंगारी पूरे गांव को संकट में डाल सकती है.
जलस्रोत सूखे, आग बुझाना होगा मुश्किल
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि इलाके के अधिकांश तालाब और जलस्रोत सूख चुके हैं. ऐसे में अगर आग बेकाबू हो जाती है, तो उसे बुझाने के लिए पर्याप्त पानी भी उपलब्ध नहीं होगा. ऐसी स्थिति में पूरा मामला सरकारी संसाधनों पर निर्भर हो सकता है.
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प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो बड़ा हादसा हो सकता है. ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान दे और पराली जलाने पर सख्ती से रोक लगाए.
