Ranchi: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा के बढ़ते निजीकरण के खिलाफ सोमवार को राजधानी रांची में सैकड़ों छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया. छात्र जिला स्कूल मैदान में एकत्रित हुए, जहां से पैदल मार्च करते हुए लोकभवन पहुंचे और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NTA को भंग करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो”, “पेपर लीक बंद करो” समेत कई नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने की मांग उठाई.

भर्ती, आरक्षण और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

प्रदर्शन का नेतृत्व ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के नेताओं त्रिलोकी नाथ और संदीप जायसवाल सहित विभिन्न छात्र और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने किया. छात्रों ने झारखंड में वर्षों से लंबित पुलिस, दरोगा, शिक्षक और असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियों को शीघ्र पूरा करने की मांग की. साथ ही NEET, CUET, UGC-NET, SSC समेत विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक और कथित धांधली का विरोध किया. बीआईटी मेसरा में गृह राज्य कोटा और सामाजिक आरक्षण समाप्त किए जाने, क्लस्टर सिस्टम, बढ़ती फीस तथा सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली का भी विरोध जताया.
बिना अनुमति प्रदर्शन पर पुलिस ने की अपील

हालांकि, प्रदर्शन और मार्च के लिए आयोजकों के पास कोई वैध अनुमति पत्र उपलब्ध नहीं था. इसके बाद कोतवाली एएसपी और कोतवाली थाना प्रभारी ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर बिना अनुमति प्रदर्शन नहीं करने और कार्यक्रम समाप्त करने की अपील की. पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध किया.
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए जिला स्कूल, लोकभवन और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. मौके पर पुलिस बल, दारोगा, इंस्पेक्टर समेत अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई थी. पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस स्थिति पर नजर बनाए रही.
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