Ranchi: रांची विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था के खिलाफ आज डोरंडा कॉलेज के छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। अपनी चार प्रमुख मांगों को लेकर छात्रों ने कॉलेज के मुख्य गेट के सामने सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया. सड़क पर बैठकर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे कुछ देर तक यातायात भी बाधित रहा. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने स्पष्ट कहा कि विश्वविद्यालय की नीतियों और लापरवाही का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ रहा है. छात्रों का पहला आरोप कॉलेजों में सीटों की भारी कमी को लेकर था. उनका कहना है कि हर वर्ष हजारों विद्यार्थी नामांकन से वंचित रह जाते हैं, लेकिन विश्वविद्यालय सीट बढ़ाने के बजाय चुप्पी साधे हुए है. इससे मेधावी छात्रों का भविष्य अधर में लटक रहा है.
विश्वविद्यालय पर छात्रों का आरोप
नई शिक्षा नीति (NEP) को लेकर भी छात्रों ने विश्वविद्यालय को घेरा. उनका कहना है कि बिना पर्याप्त तैयारी और व्यवस्था के NEP लागू कर दी गई, जिससे पढ़ाई, परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह उलझ गई है. छात्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय खुद नीति को सही तरीके से नहीं समझ पाया और उसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है.
विश्वविद्यालय पर छात्रों ने लगाए वूसली का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने 7.5 CGPA की अनिवार्यता को भी छात्र विरोधी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की. उनका कहना है कि इस नियम के कारण बड़ी संख्या में छात्र विभिन्न अवसरों और योजनाओं से वंचित हो रहे हैं. छात्रों का सबसे बड़ा आरोप परीक्षा व्यवस्था को लेकर रहा. उनका कहना है कि विश्वविद्यालय समय पर सेमेस्टर फीस वसूल लेता है, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी परीक्षा आयोजित नहीं कराई गई है. इससे छात्रों का पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है और आगे की पढ़ाई व करियर पर संकट खड़ा हो गया है.
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