Ranchi: राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर आज रांची के संत अन्ना स्कूल में कृमिनाशक अभियान की शुरुआत की गई. सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं बेहतर भविष्य के लिए कृमि मुक्ति के महत्व पर जोर दिया.
4.84 लाख बच्चों को दवा देने का लक्ष्य
अभियान के तहत रांची जिले में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के कुल 4,84,435 बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. यह दवा जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों, विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों, शिक्षकों एवं सेविकाओं की निगरानी में दी जा रही है. इस अवसर पर डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित करता है तथा उनके पोषण स्तर को भी कमजोर बनाता है. एल्बेंडाजोल दवा कृमियों से बचाव और उपचार में प्रभावी है, जिससे बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होता है और उनके विकास को गति मिलती है. उन्होंने बताया कि दवा बच्चों को चबाकर अथवा पूरी तरह मसलकर पानी के साथ दी जा रही है. हालांकि गंभीर रूप से बीमार बच्चों और गर्भवती महिलाओं को यह दवा नहीं दी जाएगी.
कृमि संक्रमण से बच्चों के विकास पर पड़ता है असर
कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन ने बच्चों को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया. उन्होंने तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है.
बच्चों को नशे से दूर रहने की सलाह
डॉ. प्रभात कुमार ने बच्चों के साथ जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि बढ़ता प्रदूषण और पर्यावरणीय असंतुलन मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है. बच्चों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की अपील की गई. उन्होंने बताया कि जो बच्चे किसी कारणवश आज दवा नहीं ले सके हैं, उन्हें 18 जून 2026 को आयोजित मॉप-अप दिवस पर एल्बेंडाजोल की खुराक दी जाएगी.



