Ranchi: शिक्षा का तरीका तेजी से बदल रहा है. विद्यार्थी जहां मोबाइल, डिजिटल प्लेटफॉर्म और AI जैसी तकनीकों के साथ पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं अब शिक्षकों को भी इन तकनीकों के इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा रहा है. इसी उद्देश्य से रांची विश्वविद्यालय में झारखंड के अलग-अलग विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है. यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम NCERT नई दिल्ली और केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है. इसमें शिक्षकों को बताया जा रहा है कि AI और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करके पढ़ाई को विद्यार्थियों के लिए ज्यादा आसान और प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है.

किताबों से आगे बढ़कर डिजिटल कंटेंट पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को AI की मदद से ई-कंटेंट तैयार करने, पाठ्य सामग्री को व्यवस्थित करने और विद्यार्थियों की अलग-अलग सीखने की जरूरत के अनुसार सामग्री तैयार करने के तरीके बताए जा रहे हैं. विशेषज्ञों का जोर इस बात पर है कि तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ ऑनलाइन क्लास लेने तक सीमित नहीं रहना चाहिए. कार्यक्रम में भुवनेश्वर से पहुंचे विशेषज्ञों ने कहा कि विद्यार्थी तेजी से नई तकनीक अपना रहे हैं. ऐसे में शिक्षकों के लिए भी जरूरी है कि वे तकनीकी बदलावों को समझें और उनका जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें. AI को लेकर शिक्षकों की सही समझ विकसित करना जरूरी है, ताकि इसका उपयोग पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए किया जा सके.
Prompt Engineering से LMS तक की ट्रेनिंग
फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में AI-Integrated Experiential Learning, Prompt Engineering, Learning Management System (LMS), Instructional Design, Media Research और ICT Tools जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. शिक्षकों को यह भी समझाया जा रहा है कि AI की सहायता से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए सामग्री कैसे तैयार की जाए और कक्षा में उनकी भागीदारी कैसे बढ़ाई जाए.
शिक्षकों ने भी माना- बदलाव जरूरी
प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों का कहना है कि आज के विद्यार्थी तकनीक के साथ बड़े हो रहे हैं. ऐसे में पारंपरिक पढ़ाई के साथ आधुनिक तकनीक को जोड़ना जरूरी हो गया है. एक शिक्षिका ने कहा कि विद्यार्थी Gen Z के दौर के हैं, इसलिए शिक्षकों को भी उनकी सीखने की शैली के अनुरूप खुद को अपडेट करना होगा.
उच्च शिक्षा में तकनीकी दक्षता बढ़ाने की कोशिश
इस कार्यक्रम का उद्देश्य नई शिक्षा नीति के अनुरूप उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है. कोशिश है कि झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षक AI और डिजिटल तकनीकों का प्रभावी इस्तेमाल सीखें और इसका लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुंचे.

