रांची: झारखंड सरकार ने पहली बार पलामू टाइगर रिजर्व में टाइगर सफारी स्थापित करने की घोषणा की थी. तेजी से काम आगे बढ़ा था. यह सफारी लगभग 150 हेक्टेयर वन भूमि पर बनाई जानी है. इसमें केवल बचाए गए, घायल, संघर्ष-प्रवण या अनाथ बाघ शामिल होते. लेकिन पलामू टाइगर रिजर्व के पुटुआगढ़ में “टाइगर सफारी” निर्माण का टेंडर रद्द कर दिया गया है.


टेंडर रद्द करने का आदेश पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक के हस्ताक्षर से जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि प्रशासनिक कारणों से टेंडर रद्द कर दिया गया है. साथ ही कहा गया है कि जिन निविदा दाताओं ने पिछली निविदा के अनुसार अपने प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे, वे उपनिदेशक, पलामू व्याघ्र परियोजना, उत्तरी प्रमंडल, मेदिनीनगर के कार्यालय से अपने प्रस्ताव एवं शुल्क प्राप्त कर सकते हैं.
क्या था टाइगर सफारी का उद्देश्य
- पर्यटन को बढ़ावा देना, संरक्षण एवं शिक्षा केंद्र के रूप में कार्य करना, और रोजगार सृजन करना.
- केवल बचाए गए, घायल, संघर्ष-प्रवण या अनाथ बाघ को शामिल करना.
- लगभग 150 हेक्टेयर वन भूमि पर निर्माण करना.
- मंजूरी के बाद लगभग 18 महीने में काम पूरा करना.
- कम-से-कम 200 स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करना.
- 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया था.
- लगभग 215 करोड़ रुपये से निर्माण होना था.
