कोलकाता से हावड़ा तक 91 सीटों की जंग, क्या दीदी का अभेद्य किला हिलेगा?

पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सत्ता किसके हाथ जाएगी, इसका फैसला न तो उत्तर बंगाल की पहाड़ियों में होगा...

पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सत्ता किसके हाथ जाएगी, इसका फैसला न तो उत्तर बंगाल की पहाड़ियों में होगा और न ही जंगलमहल के इलाकों में. असली मुकाबला दक्षिण बंगाल के घनी आबादी वाले मैदानी क्षेत्रों में तय होगा, जहां चुनावी समीकरण सबसे ज्यादा असर डालते हैं.

चार जिलों की 91 सीटें बनेंगी ‘किंगमेकर’

उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, कोलकाता और हावड़ा—ये चार जिले इस बार चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं. 294 सीटों वाली विधानसभा में इन 91 सीटों का असर इतना बड़ा है कि ये किसी भी पार्टी की सरकार बना या बिगाड़ सकती हैं.  भाजपा जहां Mamata Banerjee के मजबूत किले में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने इस गढ़ को बचाने में पूरी ताकत लगा रही है.

क्यों खास हैं ये 4 जिले?

इन इलाकों को अक्सर ‘बंगाल का चुनावी दिल’ कहा जाता है, क्योंकि यहां की सीटें कुल ताकत का बड़ा हिस्सा तय करती हैं:

  • उत्तर 24 परगना – 33 सीटें (भाजपा के लिए एंट्री पॉइंट)
  • दक्षिण 24 परगना – 31 सीटें (TMC का सबसे मजबूत आधार)
  • हावड़ा – 16 सीटें
  • कोलकाता – 11 सीटें

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2021 का रिकॉर्ड: TMC का दबदबा

2021 के चुनाव में प्रेसिडेंसी क्षेत्र (नादिया सहित) की 111 सीटों में से TMC ने 96 सीटें जीतकर भारी बढ़त बनाई थी. भाजपा को सिर्फ 14 सीटें मिली थीं, जबकि ISF को 1 सीट पर जीत मिली.

2024 लोकसभा चुनाव में बदला समीकरण

2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपनी स्थिति बेहतर की और 21 सीटों पर बढ़त बनाई, जबकि TMC 90 सीटों पर आगे रही. इससे साफ है कि मुकाबला अब पहले से ज्यादा कड़ा हो चुका है.

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भाजपा की रणनीति: मतुआ और शरणार्थी वोट बैंक

भाजपा इन जिलों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए मतुआ समुदाय और शरणार्थी वोटों पर फोकस कर रही है, खासकर उत्तर 24 परगना में. वहीं कोलकाता और हावड़ा जैसे शहरी क्षेत्रों में पार्टी आक्रामक प्रचार के जरिए मतदाताओं को साधने की कोशिश में है.

TMC का फोकस: अपना गढ़ बचाना

Mamata Banerjee के लिए समीकरण स्पष्ट है, अगर पार्टी इन 91 सीटों पर अपना दबदबा कायम रखती है, तो चौथी बार सत्ता में वापसी लगभग तय मानी जा रही है. TMC अपनी कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक आधार को मजबूत बनाए रखने पर पूरा जोर दे रही है.

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