NewsWave Desk : कॉकरोच जनता पार्टी CJP के संसद चलो मार्च के दौरन हुए लाठीचार्ज का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सीजेआई CJI सूर्यकांत की खंडपीठ में इस मामले की सुनवाई हुई. याचिका पुलिस के एक्शन को लेकर याचिका दायर की गई है. हालांकि इस मामले में एक अन्य याचिका भी दायर की गयी है. जिसमें पुलिसकर्मियों के बारे में भी विचार करने के लिए कहा गया है. इस खंडपीठ में चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना शामिल है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा मानक प्रक्रिया बनाने पर विचार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह पूरे देश में विरोध-प्रदर्शनों से निपटने को लेकर एक मानक प्रक्रिया बनाने पर विचार करेगा. इस दौरान कुछ वकीलों ने बताया कि उन्होंने दूसरे राज्यों के मामलों को लेकर भी याचिका दाखिल की है. इसमें बिहार के सिवान में AK- 47 के कथित इस्तेमाल का मामला भी शामिल है. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देशभर से आए मामलों की सुनवाई मंगलवार को की जाएगी.
पुलिस की ओर से दायर याचिका में क्या
लाठीचार्ज मामले में एक अन्य याचिका पुलिस वालों के परिवार वालों की ओर से दायर की गयी है. दिल्ली की घटना में घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों की तरफ से भी एक वकील पेश हुए. उन्होंने दलील दी कि प्रदर्शनकारियों ने 50-60 लोगों की भीड़ बनाकर पुलिसकर्मियों पर हमला किया. कोर्ट को उनकी सुरक्षा पर भी विचार करना चाहिए.
CJI ने कहा शांतिपूर्ण प्रदर्शन एक लोकतांत्रिक अधिकार
इस दौरान सीजेआई CJI सूर्य कांत ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन एक लोकतांत्रिक अधिकार है. इसके लिए उचित जगह दी जानी चाहिए. सिर्फ आंदोलन होने से पुलिस की कठोर कार्रवाई और गैरजरूरी बल प्रयोग को जायज नहीं ठहराया जा सकता. वहीं जस्टिस बागची ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर टिप्पणी करते हुए कहा, हर जीवन महत्वपूर्ण है. कोर्ट इसी भावना के साथ सभी पहलुओं की समीक्षा करेगा.
ALSO READ : तबादलों का दौर होने जा रहा है शुरू, हर विभाग में हलचल तेज, 31 जुलाई तक नहीं हुआ तो होगी सिरदर्दी
