Jamtada:में झारखंड राज्य रसोईया संयोजिका यूनियन की जिला कमेटी की एक विशेष बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मकीना बीबी ने की. इस बैठक में जिले के दर्जनों विद्यालयों से पहुंचे एमडीएम कर्मियों और रसोईया संयोजिकाओं ने हिस्सा लिया.
सरकारों की उदासीनता
इस मीटिंग में मुख्य रूप से रसोईया संयोजिकाओं के लंबित मानदेय, बढ़ोतरी राशि के भुगतान तथा न्यूनतम मानदेय निर्धारण को लेकर चर्चा की गई. यूनियन नेताओं ने कहा कि मार्च 2025 में रसोईया कर्मियों के मानदेय में ₹3000 की बढ़ोतरी की घोषणा की गई थी, लेकिन केवल एक महीने भुगतान के बाद इसे बंद कर दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की उदासीनता के कारण अब तक बढ़ा हुआ मानदेय लंबित पड़ा है. बैठक में उपस्थित सीटू नेता लखन लाल मंडल एवं जिला कार्यकारी अध्यक्ष मोहन मंडल ने कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि सरकार जल्द मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो 12 जून को जामताड़ा समाहरणालय के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.

आंदोलन ऑर तेज करने की चेतावनी
बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि रसोईया कर्मियों का न्यूनतम मानदेय ₹26,000 निर्धारित किया जाए तथा रसोईया संयोजिकाओं को भी नियमित मानदेय दिया जाए. यूनियन ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा. बैठक में राज्य सचिव मैना सिंह, आरती देवी, भवानी किस्कू, लखीमनी मरांडी, नारायण टुडू, श्रीमती मरांडी, बीना देवी, मंगल सिंह, शिशु देवी सहित दर्जनों रसोईया संयोजिकाएं उपस्थित थीं.
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