Jamtara: पश्चिम बंगाल में रेलवे अवसंरचना को सुदृढ़ करने तथा सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सतीश कुमार ने आज तारकेश्वर–शेउड़ाफुलि खंड का व्यापक निरीक्षण किया, जिसमें तारकेश्वर एवं शेउड़ाफुलि स्टेशनों का निरीक्षण भी शामिल था. इस अवसर पर रेलवे बोर्ड, पूर्व रेलवे तथा दक्षिण पूर्व रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ उपस्थित थे. अपने दौरे के दौरान सतीश कुमार ने सुचारु रेल परिचालन तथा यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए यात्री प्रबंधन व्यवस्थाओं एवं खंड के परिचालन संबंधी विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की. उन्होंने सेवा गुणवत्ता एवं परिचालन दक्षता में सुधार के उपायों पर रेलवे अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा भी की.
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की बैठक
महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं को शीघ्र गति प्रदान करने के उद्देश्य से सतीश कुमार ने तारकेश्वर में हुगली जिले के जिलाधिकारी तथा पश्चिम बंगाल सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समन्वय बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में क्षेत्र में चल रही एवं प्रस्तावित रेलवे परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए रेलवे एवं राज्य सरकार के बीच समन्वय को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया. अध्यक्ष ने निर्धारित समयसीमा के भीतर अवसंरचना परियोजनाओं को पूरा करने के महत्व पर बल देते हुए कहा, कि ये परियोजनाएं संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने तथा यात्री सुविधाओं में वृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने तारकेश्वर से हावड़ा तक किया विंडो-ट्रेलिंग निरीक्षण
रेलवे परिसंपत्तियों एवं अवसंरचना की स्थिति का आकलन करने के लिए अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने तारकेश्वर से हावड़ा तक विंडो-ट्रेलिंग निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने ट्रैक संरेखण, ओवरहेड उपकरण (ओएचई), सिग्नलिंग प्रतिष्ठानों तथा रेलवे परिसरों की समग्र स्वच्छता एवं रखरखाव का बारीकी से निरीक्षण किया. इसके पश्चात सतीश कुमार ने हावड़ा स्टेशन परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया, जिसमें स्टेशन भवन एवं परिसंचरण क्षेत्रों का निरीक्षण भी शामिल था. अपने अवलोकनों के आधार पर उन्होंने यात्री सुविधाओं, यातायात प्रवाह तथा स्टेशन की सौंदर्यात्मकता में सुधार के लिए कई निर्देश जारी किए. उन्होंने प्लेटफॉर्म क्षेत्रों को पारदर्शी छत शीटों से आच्छादित करने, बेहतर भीड़ प्रबंधन हेतु होल्डिंग क्षेत्रों का अनुकूलन करने तथा यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए पृथक प्रवेश एवं निकास द्वार विकसित करने की सलाह दी. उन्होंने स्टेशन और मेट्रो नेटवर्क के बीच सुगम संपर्क सुनिश्चित करने हेतु सुव्यवस्थित पहुंच मार्ग विकसित करने पर भी बल दिया.
अध्यक्ष ने ऐतिहासिक स्टेशन भवन के व्यापक नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण, पार्सल लोडिंग एवं अनलोडिंग क्षेत्रों के अनुकूलन तथा यात्रियों को आसान मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए स्टेशन प्रवेश बिंदुओं पर प्रमुख प्लेटफॉर्म संकेतक (साइनेज) स्थापित करने के निर्देश भी दिए.
निर्देशों को समयबद्ध कार्ययोजना के रूप में किया जाएगा क्रियान्वित
इस अवसर पर पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा, कि अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी का यह दौरा पश्चिम बंगाल में रेलवे अवसंरचना के तीव्र विकास एवं आधुनिकीकरण के प्रति रेलवे बोर्ड की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों को समयबद्ध कार्ययोजना के रूप में क्रियान्वित किया जाएगा, जिससे यात्री सुविधा, भीड़ प्रबंधन तथा बहु-माध्यमीय संपर्क व्यवस्था में सुधार होगा और क्षेत्र में रेलवे सेवाओं की गुणवत्ता को और अधिक उन्नत किया जा सकेगा.
यह भी पढ़ें: मेहनत से बदली तकदीर, प्रगतिशील किसान निर्मल माजी के मॉडल की विधानसभा अध्यक्ष ने की प्रशंसा


