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मतदाता सूची में गड़बड़ियों का खतरा: कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांगी विशेष व्यवस्था, कई विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति पर उठाए सवाल

Ranchi: झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के बीच कांग्रेस ने मतदाता सूची में संभावित गड़बड़ियों और वास्तविक...

Ranchi: झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के बीच कांग्रेस ने मतदाता सूची में संभावित गड़बड़ियों और वास्तविक मतदाताओं के नाम कटने की आशंका जताई है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं. प्रदेश महासचिव सूर्यकांत शुक्ला और प्रदेश महासचिव सह मीडिया संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि राज्य में मतदाता सूची की औसत मैपिंग 79 प्रतिशत से अधिक बताई जा रही है, लेकिन कई विधानसभा क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि मैपिंग प्रक्रिया में मौजूद खामियों के कारण बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटने का खतरा बना हुआ है. ऐसे मामलों के समाधान के लिए चुनाव आयोग को विशेष व्यवस्था करनी चाहिए.

रांची, हटिया और जमशेदपुर पूर्वी में सबसे कमजोर मैपिंग

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि राज्य के कई महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता मैपिंग का प्रतिशत बेहद कम है. जमशेदपुर पूर्वी में 46.65 प्रतिशत, हटिया में 50.84 प्रतिशत, रांची में 51.37 प्रतिशत और धनबाद में 56.99 प्रतिशत मैपिंग दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर स्थिति सुधारने की जरूरत है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न हो.

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30 जून से शुरू होगी प्रक्रिया, बीएलओ को बेहतर प्रशिक्षण देने की मांग

कांग्रेस ने कहा कि 30 जून से गणना प्रपत्र भरने और जमा करने का कार्य शुरू होने वाला है. यह प्रक्रिया आम लोगों के लिए आसान नहीं है, इसलिए बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को समय रहते व्यापक प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए. इस पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि बीएलओ के प्रशिक्षण का कार्यक्रम 19 जून से शुरू किया जाएगा.

नाम जोड़ने और हटाने में बरती जाए पूरी पारदर्शिता

कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने से जुड़े सभी दावों और आपत्तियों की निष्पक्ष एवं गहन जांच के बाद ही निर्णय लिया जाए. किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना पर्याप्त जांच के सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए.

प्रपत्र-8 के जरिए सुधारी जाएं छोटी-मोटी गलतियां

ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि मतदाता सूची में नाम, पता, उम्र या अन्य जानकारियों में मौजूद त्रुटियों को सुधारने के लिए बीएलओ के माध्यम से प्रपत्र-8 भरवाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाए, ताकि मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.

हर पंचायत और वार्ड में बने मतदाता सहायता केंद्र

कांग्रेस ने बोकारो जिला प्रशासन की पहल का हवाला देते हुए राज्य के सभी जिलों में ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर मतदाता सहायता केंद्र स्थापित करने की मांग की. उनका कहना है कि इससे लोगों को मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी और पुनरीक्षण अभियान अधिक प्रभावी बन सकेगा.

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