Ranchi: झारखंड सरकार के कृषि निदेशालय ने दलहन उत्पादन में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की है. मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस योजना के तहत अब जिले में पोस्ट हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर यानी दाल प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जाएगी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है. आवेदक (समूह या व्यक्ति) के पास प्रोजेक्ट लागत का कम से कम 15% हिस्सा और वर्किंग कैपिटल के लिए स्वयं के संसाधन होने चाहिए.
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क्या है योजना की खासियत और अनुदान
इस योजना के तहत प्लांट, मशीनरी और गोदाम-स्टोरेज के लिए भारी वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है. प्रोजेक्ट लागत का 33% या अधिकतम 25 लाख रुपये (जो भी कम हो) दी जाएगी. गोदाम या कोल्ड स्टोरेज जैसे निर्माण कार्यों के लिए कुल सब्सिडी राशि का अधिकतम 30% हिस्सा ही उपयोग किया जा सकेगा. इसमें भूमि की लागत, बिजली और मैनपावर के खर्च को प्रोजेक्ट कॉस्ट में शामिल नहीं किया जाएगा.
कौन उठा सकता है लाभ
• किसान उत्पादक संगठन
• क्लस्टर लेवल फेडरेशन
• प्राथमिक कृषि ऋण समितियां
• व्यक्तिगत उद्यमी
