Balumath: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आयोजित आवास प्लस सर्वे एवं सत्यापन को लेकर मुरपा पंचायत के ग्राम मुरपा में शुक्रवार को आयोजित ग्राम सभा में उस समय माहौल गरमा गया, जब लाभार्थियों के चयन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए. बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही. ग्राम सभा में पंचायत के मुखिया अजय टाना भगत, उपमुखिया सत्येंद्र यादव, पंचायत सचिव महेश मुंडा, ग्राम प्रधान युगल किशोर सिंह एवं पूर्व मुखिया हेमलाल नायक सहित पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे.
पहले से लाभ ले चुके लोगों को आवास देने का आरोप
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में कई ऐसे लोगों को लाभ दिया गया है, जिन्हें पूर्व में भी आवास का लाभ मिल चुका है. वहीं अनेक गरीब एवं पात्र परिवार अब तक योजना से वंचित हैं. इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने खुलकर विरोध जताया और लाभार्थी सूची की निष्पक्ष जांच की मांग की.

पारदर्शिता की कमी पर जताई नाराजगी
ग्रामीणों का कहना था कि योजना का उद्देश्य जरूरतमंद एवं बेघर परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, लेकिन चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के कारण वास्तविक लाभुकों को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने प्रशासन से पंचायत स्तर पर सभी आवेदनों और लाभार्थियों की पुनः जांच कराने की मांग की.
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ग्राम सभा में हुई तीखी बहस
मामले को लेकर ग्राम सभा में कई बार तीखी बहस हुई और कुछ समय के लिए हंगामे जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो गई. हालांकि जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराते हुए उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया. बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों और शिकायतों को संबंधित विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा तथा नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जाएगी.
ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पात्र परिवारों को न्याय नहीं मिला और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे. ग्रामीणों ने मांग की कि प्रधानमंत्री आवास योजना में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए तथा वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए.
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