News Wave Desk : अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा हो गयी है. घोषणा की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी. वहीं, अब ईरान की ओर से भी इस मामले में प्रतिक्रिया आ गयी है. ईरान की ओर से कहा गया है कि ईरानी सेना के सामने यूएस इजरायल लाचार हो गये है. बयान ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की ओर से जारी किया गया है. उन्होंने ईरानी सेना के सामने हार मान ली है. अमेरिका और इजरायल के पास इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं था. एमओयू का मतलब दुश्मन देश पर भरोसा करना बिल्कुल भी नहीं है. हम अमेरिका पर पूरी नजर बनाए रखेंगे. ईरान ने शांति समझौते को एमओयू नाम दिया है.
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की ओर से बयान में कहा गया है कि तेहरान के लोगों के समर्थन और सेना के अथक प्रयासों के चलते कई महीनों की कठिन और लंबी बातचीत के बाद सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के आधार पर 14 जून को ईरान और यूएसए के बीच शांति समझौते को अंतिम रूप दिया गया है.
19 जून को शांति समझौते मे होगा हस्ताक्षर
शांति समझौते में 19 जून को जेनेवा में हस्ताक्षर किया जायेगा. हस्ताक्षर ईरान से गालिबाफ और अब्बास अराघची और अमेरिकी की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगेे. इस समझौते के तहत, लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध और सैन्य अभियान तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त हो जाएंगे. इसके अलावा, ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी तत्काल और पूरी तरह से हटा ली जाएगी.
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