झारखंड समेत 19 राज्यों में शुरू होगा मतदाता सूची का SIR, घर-घर पहुंचेंगे BLO, 3.94 लाख बीएलओ और 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट रहेंगे सक्रिय

NewsWave Desk: भारतीय निर्वाचन आयोग ने देश के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में एक निर्णायक...

NewsWave Desk: भारतीय निर्वाचन आयोग ने देश के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाया है. आयोग ने झारखंड सहित 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चरण-3 शुरू करने का निर्देश दिया है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनगणना के कार्यों के साथ समन्वय बिठाते हुए एक त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है.

झारखंड पर विशेष फोकस

झारखंड के संदर्भ में यह पुनरीक्षण प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है. राज्य में चुनावी तैयारियों को पुख्ता करने के लिए निर्वाचन आयोग ने एक विस्तृत समय-सारणी जारी की है.

तैयारी और प्रशिक्षण

झारखंड में पुनरीक्षण की तैयारी, प्रशिक्षण और प्रिंटिंग का कार्य 5 अगस्त से 14 अगस्त तक चलेगा. सबसे महत्वपूर्ण चरण, यानी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य 16 अगस्त तक पूरा किया जाना है. मतदाता सूची के प्रारूप के प्रकाशन के बाद, 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी.

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अंतिम प्रकाशन

सभी संशोधनों के बाद झारखंड के लिए अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 20 अक्टूबर को किया जाएगा. निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस चरण में देशभर के लगभग 3.94 लाख बीएलओ और 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट सक्रिय रहेंगे. यह अभियान कुल 36.73 करोड़ मतदाताओं को कवर करेगा.

राजनीतिक दलों की भूमिका और पारदर्शिता

आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करें. झारखंड जैसे राज्य में, जहां भौगोलिक चुनौतियां अधिक हैं, राजनीतिक दलों की भागीदारी से सूची में दोहरे नाम हटाने और नए पात्र मतदाताओं (विशेषकर 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि वाले) को जोड़ने में मदद मिलेगी.

इस बार पुनरीक्षण की तिथियां जनगणना के ‘हाउस लिस्टिंग’ कार्यों को ध्यान में रखकर तय की गई हैं, ताकि फील्ड मशीनरी का प्रभावी उपयोग हो सके. हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर (बर्फबारी और भौगोलिक कारणों से) यह अभियान अब पूरे भारत को कवर कर रहा है.

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