Palamu: जिले के कोनवाई गांव में पेयजल संकट गहरा गया है. पानी के लिए तरस रहे ग्रामीणों के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया. जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पेयजल की सुचारू व्यवस्था करने की मांग को लेकर कोनवाई बस स्टैंड के समीप पांकी-मेदिनीनगर मुख्य पथ को पूरी तरह जाम कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए. सड़क जाम होने के कारण पिछले तीन घंटे से इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप है. सड़क के दोनों ओर वाहनों की लगभग दो किलोमीटर लंबी कतार लग गई है, जिससे यात्रियों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
योजनाओं के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी योजनाओं के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है, गांव में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकियां तो खड़ी कर दी गई और ‘नल-जल योजना’ के तहत पाइपलाइन भी बिछा दी गई, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने इन योजनाओं पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण आज ग्रामीणों को एक बूंद पानी तक नसीब नहीं हो रहा है. सारी योजनाएं महज शोपीस बनकर रह गई हैं.
खाली बर्तन लेकर सड़क पर बैठीं महिलाएं, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
बड़ी संख्या में महिला और पुरुष अपने घरों से खाली बाल्टी, घड़े और बर्तन लेकर मुख्य सड़क पर ही बैठ गए हैं. ग्रामीणों द्वारा स्थानीय प्रशासन और पेयजल स्वच्छता विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की जा रही है. इस आंदोलन का नेतृत्व स्थानीय मुखिया मंजू देवी कर रही हैं, उन्होंने अधिकारियों पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा, इस भीषण गर्मी में जब पारा आसमान छू रहा है, गांव के लोग पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं. अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन वे आंखें मूंदे बैठे हैं. जब तक जनता की प्यास नहीं बुझेगी, हमारा आंदोलन थमेगा नहीं.



