Ranchi: वन विभाग ने इको टूरिज्म योजना के विस्तार और सौंदर्यीकरण की कवायद शुरू कर दी है. इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत गढ़वा, हजारीबाग, गिरिडीह, सरायकेला-खरसावां और सिंहभूम (नोवामुंडी-किरीबुरू) के जंगलों व जलाशयों को एक आकर्षक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा. सरकार के इस कदम से न केवल राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.

आधुनिक सुविधाएं होंगी उपलब्ध
इन पर्यटन स्थलों को और अधिक सुरक्षित, सुविधामुक्त और सुंदर बनाया जा रहा है. इस योजना के तहत कुल 35 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की स्वीकृति दी गई है, जिसका उपयोग विभिन्न पार्कों, वॉकिंग ट्रेल्स, वाटर बॉडीज और साहसिक पर्यटन (एडवेंचर स्पोर्ट्स) के विकास के लिए किया जाएगा.
• गढ़वा (अन्नराज इको टूरिज्म पार्क): यहां बच्चों के खेलने के लिए प्ले एरिया, प्रीफैब फूड स्टॉल, ओपन सिटिंग एरिया, वर्चुअल रियलिटी (वीआर) उपकरण, कमल कुंड (लोटस पोंड), योग डेक, मेडिटेशन डेक, और जिप लाइन जैसी रोमांचक गतिविधियां विकसित की जा रही हैं. पर्यटकों की सुविधा के लिए सोलर हाई मास्ट लाइट और वाटर एटीएम भी लगाए जाएंगे.
• हजारीबाग (तिलैया जलाशय और बाबुडीह इको पार्क): तिलैया जलाशय के किनारे पारंपरिक फूड कोर्ट, रोज गार्डन, बाल उद्यान, बंबू ट्री हाउस, रिंग और बॉल फाउंटेन के साथ-साथ बोटिंग और वॉटर बॉडी का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. वहीं बाबुडीह इको पार्क में बाउंड्री वॉल, सीसीटीवी कैमरे, सोलर पावर सब-स्टेशन और गार्डनिंग के जरिए सुरक्षा और सुंदरता दोनों पर जोर दिया गया है.
• गिरिडीह (सिरसिया नगर वन): गिरिडीह के सिरसिया नगर वन को एक खूबसूरत इको टूरिज्म हब के रूप में ढाला जा रहा है. यहां कैफेटेरिया, एडमिन रूम, बच्चों का पार्क, ओपन जिम, और आकर्षक लैंडस्केपिंग के साथ-साथ ‘राशि वन’ का विकास कार्य पूरा किया जा रहा है.
• सरायकेला-खरसावां (मां आकर्षिणी जैव विविधता पार्क): खरसावां स्थित इस पार्क में भव्य प्रवेश द्वार, औषधीय पौधों का पार्क (मेडिसिनल पार्क), नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर, वॉच टावर, ओपन एयर थिएटर, और फव्वारे का निर्माण किया जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा.
• नोवामुंडी-किरीबुरू (सारंडा वन क्षेत्र): सारंडा के जंगलों से घिरे नोवामुंडी और किरीबुरू क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां आधुनिक विद्युत कार्य, वाटर सप्लाई, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और उन्नत सोलर लाइटिंग सिस्टम जैसी बुनियादी सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं, ताकि पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
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