Ranchi: जगन्नाथपुर पुलिस ने कोर्ट को बताया है कि भाजपा नेता कमलेश राम केस दर्ज होने के बाद से फरार है. मामला वर्ष 2019 का है और जगन्नाथपुर थाना के कांड संख्या-272/2019 से जुड़ा हुआ है. मामले में कमलेश राम के वकील ने उसके अग्रिम जमानत याचिका (एबीपी) न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा (नंबर-1) के अदालत में दाखिल किया था. अदालत ने याचिका खारिज कर दी है. मामले में याचिकाकर्ता के वकील ने माना कि इसके पहले भी 15 अक्तूबर 2020 को निचली अदालत से याचिका खारिज कर गयी थी.
उसके बाद याचिकाकर्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, वहां से भी 17 अगस्त 2021 में याचिका खारिज कर दी गयी थी. वर्तमान में कमलेश राम के वकील अमित कुमार ने फिर से अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने के संबंध में अदालत को बताया कि परिस्थितियों में बदलाव आया है क्योंकि इस मामले के कुछ अन्य सह-आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत दे दी गई है, अतः याचिकाकर्ता को भी अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाए.

अदालत ने सुप्रीम कोर्ट का दिया हवाला
इस पर अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि एक के बाद एक अग्रिम जमानत याचिकाओं पर विचार नहीं किया जाना चाहिए, विशेष रूप से तब जब केस डायरी और स्टेटस रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो कि आरोपी फरार है और जांच में सहयोग नहीं कर रहा है. एक बार जब अदालत द्वारा आदेश के तहत याचिका खारिज कर दी गई हो, तो परिस्थितियों में बदलाव का सतही (दिखावटी) कारण बताकर बार-बार अग्रिम जमानत नहीं मांगी जा सकती.
क्या था मामला, जानें
मामला वर्ष 2019 का है और जगन्नाथपुर थाना के कांड संख्या-272/2019 से जुड़ा हुआ है. मामले में पुंदाग ओपी क्षेत्र में एक जमीन पर विवाद के दौरान कमलेश राम सहित 11 नामजद व 200 महिला- पुरूष पर तोड़फोड़, गलत तरीके से कार्य रोकने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, शांति भंग करने, अपराधिक धमकी सहित अन्य आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया गया था.


