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सरायकेला: मैसाड़ा ऑर कालीचामदा गांव में हाथी का आतंक जारी, QRT की टीम ने की 500 ग्रामीणों संग रातभर मशक्कत

Saraikela: ईचागढ़ में एक जंगली हाथी की झुंड एक ट्रस्कर गजराज पिछले कई दिनों से आतंक मचाए हुए है. हाथी लगातार घरों...

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Saraikela: ईचागढ़ में एक जंगली हाथी की झुंड एक ट्रस्कर गजराज पिछले कई दिनों से आतंक मचाए हुए है. हाथी लगातार घरों को टारगेट करके उसे तोड़कर रखे अनाज को अपना निवाला बना रहा है. बुधवार की सुबह हाथी के हमले में महिला दुखनी कर्मकार घायल हो गईं. घटना से ग्रामीण दहशत में हैं. वहीं तीन दिनों से वन विभाग के टीम हाथी भगाने में असफल रहा.

QRT टीम ऑर 500 ग्रामीण, फिर भी हाथी नहीं हटा

QRT टीम ऑर 500 ग्रामीण, फिर भी हाथी नहीं हटा.  ग्रामीणों की परेशानी देखते हुए वन विभाग ने एक सप्ताह में तीन बार QRT टीम लगाकर हाथी को घनी आबादी से दूर भगाने का प्रयास किया, पर सफलता नहीं मिली. बीती रात दो-दो QRT टीमों ने विभिन्न गांवों में माइकिंग कर जागरूकता अभियान चलाया और ग्रामीणों से सहयोग की अपील की. आसपास के गांवों के करीब 500 लोग रातभर QRT टीम के साथ मिलकर हाथी को दिशा देने का भरपूर प्रयास करते रहे. स्थानीय विशेषज्ञों का मानना है कि चांडिल डैम और उससे जुड़े कैनल ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र की हाथी समस्या का सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं. डैम और कैनलों से हाथी का पारंपरिक अयोध्या-दलमा-सारंडा कोर्रिडोर बंद हो गया है. इससे हाथी की प्राकृतिक विचरणशील प्रवृत्ति रुक रही है और हाथी दलमा न जाकर दलमा की तलहटी में बसे गांवों को ही बसेरा बना रहा है.

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