Ranchi: झारखंड में मानसून की झमाझम का इंतजार अब चिंता में बदलता जा रहा है. जुलाई के मध्य तक राज्य में बारिश की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य का शायद ही कोई ऐसा जिला है जहां मानसून सामान्य या उससे अधिक बरसा हो. अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से आधे से भी कम है, जिससे कृषि कार्यों और जल स्रोतों पर गहरा संकट मंडराने लगा है. पूरे राज्य में अब तक 129 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 236.1 मिलीमीटर होना चाहिए था. यानी पूरे राज्य में मानसून की 45% कमी दर्ज की गई है. आधे मानसून सीजन के बीत जाने के बाद भी यह भारी कमी खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बड़ी चुनौती बन गई है.
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गढ़वा सबसे सूखा, सिमडेगा की स्थिति बेहतर
राज्यभर में मानसून का वितरण बेहद असमान और कमजोर रहा है. बारिश के मामले में गढ़वा जिला सबसे बदतर स्थिति में है. यहां सामान्य से 89% कम बारिश दर्ज की गई है, जो क्षेत्र में जल संकट के गंभीर संकेत दे रहे हैं. इसी तरह, गोड्डा में 83% और कोडरमा में 78% की भारी कमी देखी गई है. दूसरी ओर सिमडेगा में 15, दुमका में 16 और रांची में 16 फीसदी बारिश कम हुई है.
क्षेत्रवार बारिश का हाल
• गंभीर कमी वाले क्षेत्रः गढ़वा (89%), गोड्डा (83%) और कोडरमा (78%) बारिश की कमी.
• अत्यधिक कमी वाले क्षेत्र: चतरा (74%), पाकुड़ (69%), लोहरदगा (62%), बोकारो (61%), हजारीबाग (59%), खूंटी (57%), सरायकेला-खरसावां (56%) और रामगढ़ (55%) बारिश की कमी.
• मध्यम कमी वाले क्षेत्र: पलामू (52%), पूर्वी-सिंहभूम (52%), गिरिडीह (52%), देवघर (52%), साहिबगंज (44%), धनबाद (43%), लातेहार (42%), गुमला (41%), जामताड़ा (35%) और पश्चिमी-सिंहभूम (31%) बारिश की कमी


