Hazaribagh: जिले में जरूरतमंद और आवासविहीन परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है. उपायुक्त हेमंत सती ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर आवास योजना के तहत जिले के 82 लाभुकों के आवास को स्वीकृति प्रदान की है. इनमें आठ पुरुष और 74 गरीब, असहाय एवं विधवा महिलाएं शामिल हैं. संबंधित प्रखंडों के बीडीओ द्वारा आवेदनों की जांच के बाद उपायुक्त ने आवास की मंजूरी दी.

16 प्रखंडों के लाभुकों को मिला योजना का लाभ
स्वीकृत आवासों में पदमा के पांच, केरेडारी के 10, टाटीझरिया के एक, कटकमसांडी के 10, कटकमदाग के चार, इचाक के 10, दारू के दो, डाड़ी के एक, चुरचू के तीन, चौपारण के तीन, चलकुशा के एक, विष्णुगढ़ के 13, बरकट्ठा के तीन, बड़कागांव के दो, बरही के 12 और सदर प्रखंड के दो लाभुक शामिल हैं. इस स्वीकृति से जिले के अलग-अलग प्रखंडों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हुआ है.
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जर्जर मकान की छत गिरने से बेटी की हुई थी मौत
आवास की स्वीकृति पाने वालों में बरही प्रखंड के बाराटांड़ गांव की सुनीता देवी भी शामिल हैं. बताया गया कि सुनीता देवी का घर काफी जर्जर स्थिति में था. पुराने मकान की जर्जर अलबेस्टर शीट गिरने से उनकी बेटी मनीषा कुमारी की मौत हो गई थी. घटना के बाद परिवार की आवासीय स्थिति को देखते हुए सुनीता देवी के आवेदन पर गंभीरता से विचार किया गया और अब उन्हें आवास योजना के तहत नया घर बनाने की स्वीकृति मिली है. प्रशासन के इस निर्णय से परिवार को सुरक्षित और स्थायी आशियाना मिलने की उम्मीद जगी है.
आजीवन कारावास की सजा काटकर लौटे दो लोगों को भी आवास
इस आवास स्वीकृति में केरेडारी प्रखंड के बेलतू गांव निवासी वीरेंद्र राम और महेश्वर साव के नाम भी शामिल हैं. दोनों आजीवन कारावास की सजा काटकर जेल से बाहर आए हैं. जेल से लौटने के बाद उनकी आवासीय जरूरत और आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने दोनों के नाम से भी आवास की स्वीकृति प्रदान की है. यह निर्णय ऐसे लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक जीवन के लिए आधार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
गरीब और असहाय परिवारों को मिलेगी सुरक्षित छत
जिला प्रशासन की इस पहल से 82 परिवारों को अपने घर का सपना पूरा करने का अवसर मिलेगा. विशेष रूप से विधवा, गरीब, असहाय और आवासीय संकट से जूझ रहे परिवारों के लिए यह स्वीकृति बड़ी राहत मानी जा रही है. प्रशासन की ओर से आवास निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कार्रवाई की जाएगी.

