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वन विभाग का तीन दिवसीय ‘प्रकृति 2026’ कार्यक्रम समाप्त, PCCF ने दिया गौरैया संरक्षण पर जोर

रांचीः वन विभाग के तीन दिवसीय दिवसीय कार्यक्रम प्रकृति 2026 का समापन रविवार को हुआ. इसंमें पीसीसीएफ संजीव कुमार ने लुप्त हो...

Prakriti 2026
वन विभाग का तीन दिवसीय ‘प्रकृति 2026’ कार्यक्रम समाप्त

रांचीः वन विभाग के तीन दिवसीय दिवसीय कार्यक्रम प्रकृति 2026 का समापन रविवार को हुआ. इसंमें पीसीसीएफ संजीव कुमार ने लुप्त हो रहे गौरैया के संरक्षण कार्य पर कार्य योजना के सफल क्रियान्वयन और रूपरेखा पर कार्य करने का आग्रह किया. साथ ही उन्होंने प्रकृति संरक्षण में जन सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया. वन के संरक्षण और संवर्धन पर भी विस्तृत जानकारी दी. कहा कि संयुक्त वन प्रबंधन समिति सदस्यों से अनुरोध किया, कि वे सभी वनवासी और ग्रामीण महिलाओं की आजीविका के साधन वन को बनाने का प्रयास करें.

कलाकारों ने कला के जरीए बताया प्रकृति का महत्व  

कार्यक्रम में देशभर से आए 55 कलाकारों ने जीवन में प्रकृति के महत्व को बताया. पीसीसीएफ ने कहा कि कला पहले विकसित हुआ लिपि बाद में आया. कैंप में देश के नामी कलाकारों में अजय कुमार घोषाल, जयप्रकाश चौहान ,कमल कोठारी, श्रीधर सुब्रत चौधरी, सी आर हेंब्रम आदि ने अपने पेंटिंग कला का प्रदर्शन किया. कलाकारों को सामूहिक रूप से साल एवं पेंटिंग देकर सम्मानित किया गया. डीएफओ श्रीकांत वर्मा ने सभी कलाकारों और प्रकृति प्रेमियों को सम्मानित किया और वन एवं प्रकृति प्रेमियों से वन जीवन की रक्षा करने का अनुरोध किया.

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक जैव विविधता पर्षद विश्वनाथ शाह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह कार्यकारी कारी निदेशक बंजर भूमि विकास बोर्ड ए मिश्रा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी रवि रंजन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वेंकटेश्वर लू, मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी एस आर नटेश संरक्षक विजय शंकर दूबे, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रशासन झारखंड अंजिक्य बनकर मौजूद रहे. प्रधान मुख्य वन संरक्षक झारखंड की धर्मपत्नी सह झारखंड फोआ की अध्यक्ष भारती कुमार ने विजेता बाल कलाकारों को पुरस्कृत किया.

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