विनीत/सौरभ
रांची: पाकिस्तान में छिपकर बैठे गैंगस्टर प्रिंस खान उर्फ छोटे सरकार के नेटवर्क को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है. पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जांच में यह बात सामने आई है कि प्रिंस खान सीधे ने पिछले कुछ वर्षों में जिन व्यवसायियों को रंगदारी के लिए कॉल किया है, उनके नंबर रांची और बोकारो के कुछ लोग उपलब्ध करा रहे हैं.
जांच एजेंसियों को मिली इनपुट के मुताबिक रांची और बोकारो के कुछ युवक चंद रुपयों के लालच में व्यापारियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं. रांची का राहुल राणा और कौशल पंडित के साथ-साथ बोकारो के राकेश सिंह और सुदीश ओझा जैसे नाम इस सिंडिकेट में उभर कर सामने आए हैं.
युवक स्थानीय स्तर पर बड़े व्यापारियों, बिल्डरों और रसूखदार लोगों की रेकी करते हैं. किसी भी व्यापारी का मोबाइल नंबर, उसके कामकाज और परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति की जानकारी गैंगस्टर प्रिंस खान तक पहुंचाने के बदले इन्हें मात्र 5,000 रुपये का भुगतान किया जाता है.
यह नेटवर्क बेहद शातिराना तरीके से काम करता है
इतने कम पैसों के लिए ये युवक अपने ही शहर के लोगों को प्रिंस खान के निशाने पर ला देते हैं. यह नेटवर्क बेहद शातिराना तरीके से काम करता है. सुदीश ओझा और राकेश सिंह जैसे लोग व्यापारिक प्रतिष्ठानों में जाकर या मेल-जोल बढ़ाकर निजी नंबर हासिल करते हैं.
राहुल राणा और कौशल पंडित जैसे गुर्गे इन नंबरों को डिजिटल माध्यमों से प्रिंस खान के गुर्गों तक पहुंचाते हैं. नंबर मिलते ही प्रिंस खान के नाम पर धमकी भरे कॉल और वीडियो मैसेज भेजे जाते हैं. अब तक की जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि प्रिंस खान के गिरोह में रांची की कुछ लड़कियां भी शामिल हैं. प्रिंस खान वर्तमान में विदेश में बैठकर अपना नेटवर्क संचालित कर रहा है, लेकिन राहुल राणा और कौशल पंडित जैसे स्थानीय मददगारों की वजह से उसका रंगदारी का धंधा फल-फूल रहा है.
