रांची: दुमका जिले के तत्कालीन उत्पाद अधीक्षक अखौरी धनंजय कुमार सिन्हा के बेटे गौतम अखौरी हत्याकांड मामले में आरोपी जनक प्रसाद को आज शुक्रवार को अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार की अदालत ने दोषी करार दिया है. आरोपी जनक प्रसाद को दोषी मानते हुए कोर्ट ने 28 फरवरी, शनिवार को सजा की बिंदु पर सुनवाई की तारीख निर्धारित की है.

क्या है मामला
बताते चलें कि 4 मई 2014 को फिरौती के लिए गौतम अखौरी का अपहरण किया गया था. हालांकि बाद में उसकी हत्या कर दी गई और उसका शव नेतरहाट से बरामद किया गया था. इस मामले में गौतम के पिता अखौरी धनंजय कुमार सिन्हा ने मई 2014 में पंडरा ओपी में मामला दर्ज कराया था. उन्होंने अपने आवेदन में बताया था कि जब वह दुमका से रांची लौट रहे थे, तभी आरोपी ने फोन कर उनके बेटे के अपहरण और फिरौती की जानकारी दी.
फिरौती की मांग और फिर हत्या
उनसे 5 लाख रुपए की मांग की गई थी. पुलिस को सूचना देने पर बेटे को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी. पिता अपहरणकर्ता के निर्देशानुसार शाम 5:00 बजे स्कूल बैग में 5 लाख रुपए लेकर कचहरी चौक पहुंचे थे, जहां रात 9:00 बजे उनसे पैसे लेकर बेटे को घर भेज देने का भरोसा दिलाया गया था.
हालांकि बाद में उनके बेटे का शव बरामद हुआ. अपहरणकर्ता द्वारा किए गए फोन की आवाज का मिलान करने पर पहचान उनके पड़ोसी जनक प्रसाद के रूप में हुई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर छानबीन की.

