EXCLUSIVE : सहारा की ‘जंग’ में टूटती सांसें : झारखंड में 74 निवेशकों की मौत का दर्दनाक आंकड़ा, न्याय का आज भी इंतजार

SAURAV SINGH वर्ष 2000 से अबतक 74 निवेशकों की हो चुकी है मौत, झारखंड के एक करोड़ निवेशकों का 33 हजार करोड़...

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वर्ष 2000 से अबतक 74 निवेशकों की हो चुकी है मौत, झारखंड के एक करोड़ निवेशकों का 33 हजार करोड़ है फंसा

Ranchi : सहारा इंडिया में फंसी अपनी जमा पूंजी वापस पाने की जद्दोजहद में निवेशक न केवल अपनी आर्थिक शक्ति खो रहे हैं, बल्कि अब उनकी जान पर भी बन आई है. झारखंड के विभिन्न जिलों से प्राप्त आंकड़े इस कड़वी सच्चाई को बयां कर रहे हैं कि कैसे इलाज के अभाव, गहरे अवसाद और मजबूरी में की गई आत्महत्याओं ने कई हंसते-खेलते परिवारों को तबाह कर दिया है. विश्व भारती जनसेवा संस्थान द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, सहारा के भुगतान न मिलने के कारण अब तक 74 निवेशक की मौत हो चुकी हैं. सहारा इंडिया के लाखों निवेशकों की पीड़ा अब केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह एक मानवीय त्रासदी बन चुकी है. झारखंड और बिहार के कई परिवारों ने अपने जीवन की खून-पसीने की कमाई सहारा में इस उम्मीद के साथ जमा की थी कि वह उनके बुढ़ापे या बच्चों की शादी में काम आएगी. लेकिन आज स्थिति यह है कि पैसे वापस मिलना तो दूर, निवेशकों की मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है. झारखंड के एक करोड़ निवेशकों का करीब 33 हजार करोड़ रुपए सहारा में फंसा हुआ है. इस मामले में सीआईडी केस भी दर्ज कर अनुसंधान कर रही है.

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अब तक इन निवेशकों ने आत्म हत्या का रास्ता चुना

सहारा इंडिया के निवेशकों की यह सूची केवल नाम और नंबर नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था पर सवालिया निशान है जो समय पर लोगों को उनका हक दिलाने में विफल रही है. आज भी ये परिजन इसी उम्मीद में जी रहे हैं कि शायद कभी सरकार या कोर्ट के हस्तक्षेप से उनकी जमा पूंजी वापस मिल सके और वे अपने मृत परिजनों की अंतिम इच्छाओं को पूरा कर सकें.

– कृष्णा दास (घाटशिला) : मात्र 35 वर्ष की आयु में कृष्णा दास ने 20 अक्टूबर 2022 को आत्महत्या कर ली. उनकी 1,72,082 रुपये की मैच्योरिटी राशि सहारा में फंसी हुई थी. इस मामले में थाना में केस संख्या 016/2022 भी दर्ज है.

– सुब्रत चटर्जी (धनबाद) : कुमारधुबी, धनबाद के रहने वाले 37 वर्षीय सुब्रत ने 4 सितंबर 2020 को सुसाइड किया. उनकी 1,12,774 रुपये की राशि फंसी हुई थी, जिसके लिए उनके परिजन आज भी भटक रहे हैं.

– गणेश नोनिया (बोकारो) : गोमिया निवासी 44 वर्षीय गणेश नोनिया ने 14 नवंबर 2021 को आत्महत्या कर ली. उनकी 1,60,000 रुपये की जमा पूंजी सहारा में अटकी थी। उनके मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और केस संख्या 04/21 दर्ज है.

– जानकी देवी (बोकारो) : 53 वर्षीय जानकी देवी ने 1 सितंबर 2021 को आत्महत्या की. उनकी 20,36,962 रुपये जैसी बड़ी मैच्योरिटी राशि सहारा इंडिया में फंसी हुई थी.

– महादेव राय (पूर्वी सिंहभूम) : 77 वर्षीय बुजुर्ग महादेव राय ने 7 अगस्त 2024 को आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली.

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