Ranchi: अवैध पत्थर माइनिंग का सरगना दाहू यादव उर्फ राजेश यादव को झारखंड हाई कोर्ट से झटका मिला है. झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद ने दाहू की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. आपको बता दें कि साढ़े तीन वर्षों से अधिक समय से वह फरार चल रहा है. उसकी गिरफ्तारी के लिए अब तक 100 से ज्यादा छापेमारियां हो चुकी है लेकिन वह अब तक हाथ नहीं लगा. वह आखिरी बार 18 जुलाई 2022 को ईडी कार्यालय में उपस्थित हुआ था. अगले दिन मां की बीमारी का बहाना बनाकर मोहलत मांगी, तब से वह एजेंसियों को लागतार चकमा दे रहा है.
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8 जुलाई 2022 को ED की पहली दबिश
8 जुलाई 2022 पहला मौका था जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दबिश दी थी. इस दौरान साहिबगंज, राजमहल, बड़हरवा, मिर्जाचौकी और बरहेट में 18 ठिकानों पर दबिश दी गई. छापेमारी के दौरान 5.37 करोड़ कैश और बैंक खातों में जमा 11.88 करोड़ रुपए जब्त किए गए थे. ईडी ने 30 करोड़ रुपए की कीमत का मालवाहक पानी जहाज भी जब्त किया था, जिसका संचालन मुख्य तौर पर दाहू यादव करता था. वो मालवाहक जहाज से अवैध तरीके से पत्थर और बालू को साहिबगंज से गंगा नदी के रास्ते बिहार और बंगाल भेजा करता था. दाहू के फरार होने के बाद ED ने उसके भाई सुनील यादव को 26 अगस्त 2022 और पिता पशुपति यादव को अप्रैल 2023 में गिरफ्तार करके जेल भेजा था. घर की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी की जा चुकी है.
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