रांचीः राज्यभर में अनाधिकृत रूप से निर्मित आवास अब नियमित होंगे. इसके लिए बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में झारखंड रेगुरलाइज अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग रूल 2026 को मंजूरी दी गई. इसके तहत 10 मीटर तक की ऊंचाई और 300 वर्गमीटर तक के अनाधिकृत रूप से निर्मित आवास नियमित किए जा सकेंगे. रेसिंडेंसियल के लिए कम से कम 10 हजार रुपए और कॉमर्शियल के लिए 20 हजार रुपए नियमितीकरण के लिए देने होंगे. यह राशि तीन किस्तों में भी दी जा सकती है.
झारखंड लघु खनिज समनुदान नियमावली में संशोधन की स्वीकृति
कैबिनेट की बैठक में झारखंड लघु खनिज समनुदान नियमावली के संशोधन की स्वीकृति दी गई. इसके तहत लघु खनिज की क्षेत्र सीमा निर्धारित कर दी गई है. व्यक्ति या संस्थान को 150, 100 और 200 हेक्टेयर तक का खनन पट्टा दिया जाएगा. अनुसूचि वन में 10 साल अनुसूचि टू में अधिकतम 30 साल तक के लिए खनन पट्टा मिलेगा. लेटर ऑफ इंटेंट की अवधि 120 दिन की होगी. डिस्पोजल 120 दिन के अंदर करना होगा. गिरिडीह के सर जेसी बोस विश्विद्यालय में गैर शैक्षणिक और शैक्षणिक पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई. झारखंड पशुपालन सेवा नियमावली में संशोधन की स्वीकृति दी गई. सहरकोल से पाकुड़ बाईपास सड़क निर्माण के लिए 45 करोड़ 47 लाख 31 हजार रुपए की स्वीकृति दी गई.
अवैध खनन पर लगेगा लगाम
द झारखंड मिनरल्स एमेंडमेंड रूल्स 2026 को स्वीकृति दी गई. इसके तहत अब अवैध माइनिंग पर लगाम लगेगा. इसके तहत मासिक रिर्टन और डीलर का पंजीकरण अनिवार्य होगा. अवैध खन और भंडारण पर रॉयल्टी का 10 गुणा ज्यादा वसूल किया जाएगा. राजकीय फॉर्मेसी संस्थान बरियातू की व्याख्याता डॉ. प्रियाशी सुमिता को अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई. झारखंड भवन उप विधि 2016 में संशोधन की स्वीकृति दी गई
धनबाद, खूंटी, गिरिडीह और जामताड़ा के सदर अस्पताल मेडिकल कॉलेज में होंगे अपग्रेड
धनबाद, खूंटी, गिरिडीह और जामताड़ा के सदर अस्पताल को पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज में अग्रेड किया जाएगा. हजारीबाग में वरीय कोषागार पदाधिकारी और दुमका, चाईबासा और पलामू में कोषागार पदाधिकारी होंगे. झारखंड आर्थिक सर्वे को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई. जमशेदपुर के अंतर राज्यीय बस स्टैंड, जलसंसाधन के कार्यालय और कॉमर्शियल कांप्लेक्स के निर्माण के लिए 153 करोड़ 37 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई. प्रधान आप्त सचिव शिव कुमार सिंह और महेश प्रसाद शर्मा को द्वितीय और तृतीय एसीपी का लाभ देने की स्वीकृति दी गई. एपीबी भारत नेट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई.
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