रांची: झारखंड की सियासत में इन दिनों चिट्ठियों की तपिश और चाय की चुस्कियों के बीच घोटालों का शोर चरम पर है. भाजपा जहां सूबे में एक के बाद एक कथित भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर राजभवन की चौखट चूम रही है, वहीं सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इसे भाजपा का पिकनिक पॉलिटिक्स करार दिया है.
मरांडी का नया मोर्चा: अब पशुपालन विभाग निशाने पर
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की घेराबंदी करते हुए अब रांची के पशुपालन विभाग में 2.94 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मुद्दा गरमाया है. मरांडी का दावा है कि ट्रेजरी से पैसे निकालने का यह खेल बोकारो, हजारीबाग और पलामू तक फैला हुआ है. उन्होंने सीधा आरोप जड़ा है कि बिना ऊपर के संरक्षण के इतने बड़े घोटाले मुमकिन नहीं हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से न केवल जांच की मांग की है, बल्कि सभी विभागों के ऑडिट की भी वकालत की है.
जेएमएम का तीखा तंज: रघुबर काल के हैं ये पाप
बाबूलाल मरांडी के सोशल मीडिया पोस्ट पर पलटवार करते हुए जेएमएम ने बेहद आक्रामक और व्यंग्यात्मक रुख अपनाया है. जेएमएम ने मरांडी को टैग करते हुए लिखा है बढ़िया है. एक और लेटर लिखिए और महामहिम राज्यपाल के यहां जाकर कड़क चाय की चुस्की लीजिए. आज आपको चाय का बहाना मिल गया, बधाई हो. यही नहीं जेएमएम ने दावा किया कि जिन घोटालों का जिक्र मरांडी आज कर रहे हैं, वे दरअसल पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार के समय के हैं. सत्ता पक्ष ने दो टूक कहा है कि वे इन सभी मामलों का पर्दाफाश करेंगे और दोषियों को बिना बेल के जेल भेजेंगे.
राजभवन में भाजपा की ‘हाजिरी’
पिछले 48 घंटों में भाजपा के दो बड़े डेलिगेशन राज्यपाल संतोष गंगवार से मिल चुके हैं. पहला मोर्चा: आदित्य साहू, नवीन जायसवाल और सीपी सिंह ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक की सीबीआई जांच की मांग की. दूसरा मोर्चा: भानु प्रताप शाही ने भी अलग से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा
