Ranchi: स्वागत कीजिए डिजिटल क्रांति के उस नए अवतार का, जहां अब चौक-चौराहों पर किसी क्रांतिकारी या महापुरुष की मूर्ति नहीं, बल्कि बफरिंग मुक्त हाई-स्पीड इंटरनेट का राज चलता है. झारखंड के गढ़वा जिले के रंका प्रखंड की विश्रामपुर पंचायत में ग्रामीणों ने परंपराओं को अनसब्सक्राइब करते हुए अपने गांव के एक चौक का नाम यू-ट्यूब चौक रख दिया है. यह फैसला उन लोगों के लिए एक करारा जवाब है जो सोचते हैं कि गांव के लोग सिर्फ खेती जानते हैं. यहां के लोग तो अब सीधे एल्गोरिदम से बात कर रहे हैं.
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जब ज्ञान और नेटवर्क का हुआ कोलाबोरेशन
अमूमन गांवों में चौराहों का नाम स्थानीय देवताओं या किसी बड़े नेता के नाम पर होता है, लेकिन विश्रामपुर के ग्रामीणों का तर्क बड़ा सटीक है, जो काम आए, वही पूजनीय है. ग्रामीणों के मुताबिक, इस खास चौक पर इंटरनेट का नेटवर्क ऐसा आता है मानो टावर बगल में ही खड़ा हो. यहां यू-ट्यूब बिना रुके चलता है, जिससे ग्रामीण खेती-किसानी से लेकर दुनिया भर की जानकारी चुटकियों में हासिल कर लेते हैं. अब जब ज्ञान का पूरा भंडार यू-ट्यूब से मिल रहा है, तो ग्रामीणों ने भी उसे वह सम्मान दे दिया जो बड़े-बड़े विद्वानों को नसीब नहीं होता.
मुखिया जी की कुर्सी और डिजिटल साक्षरता की पार्किंग
पंचायत की मुखिया जीना देवी ने भी बहती गंगा में हाथ धोते हुए 15वें वित्त मद से यहां शानदार कुर्सियां लगवा दी हैं. मकसद साफ है, ग्रामीण यहां बैठें, मुफ्त के नेटवर्क का आनंद लें और अपने ज्ञान को अपडेट करें. जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश भी ग्रामीणों की इस तकनीकी श्रद्धा को देखकर दंग हैं. उनका कहना है कि जहां दुनिया स्मार्ट सिटी के पीछे भाग रही है, वहां गढ़वा के इस गांव ने स्मार्ट चौक बनाकर आधुनिकता की नई परिभाषा लिख दी है.
सोशल मीडिया पर ‘ट्रेंड’ हुआ गढ़वा का यह फैसला
जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर आई, लोग इसे ग्रामीण संस्कृति और तकनीक का अद्भुत फ्यूजन बताने लगे. लोगों का कहना है कि अब वो दिन दूर नहीं जब किसी गली का नाम इंस्टाग्राम गल’ और किसी तालाब का नाम फेसबुक लेक रख दिया जाए.
