बेरमो : सीसीएल ढोरी में 30 लाख गबन का मामला, जांच के लिए जीएम ऑफिस पहुंची CBI की टीम

Bermo : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने गुरुवार को सीसीएल ढोरी एरिया के महाप्रबंधक कार्यालय में दबिश दी. सीबीआई सिविल...

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Bermo : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने गुरुवार को सीसीएल ढोरी एरिया के महाप्रबंधक कार्यालय में दबिश दी. सीबीआई सिविल विभाग के लिपिक वीरेंद्र हजाम द्वारा किए गए करीब 29 लाख 60 हजार रुपये के वित्तीय गबन मामले की जांच के सिलसिले में यहां पहुंची. कार्रवाई के दौरान सीबीआई के अधिकारियों ने सिविल विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों से विस्तार से पूछताछ की. मामले से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगालने के बाद उसे जब्त कर अपने साथ ले गयी.

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मामले में मुख्य निगरानी अधिकारी ने की थी शिकायत

इस मामले का खुलासा सीसीएल रांची के मुख्य निगरानी अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार की शिकायत से हुई थी. उन्होंने 25 जुलाई 2025 को सीबीआई में आधिकारिक तौर पर मामला दर्ज कराया था. जांच में यह बात सामने आई कि महाप्रबंधक कार्यालय में कार्यरत क्लर्क वीरेंद्र हजाम ने ठेकेदारों के साथ साठगांठ कर टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हेर-फेर किया. आरोप है कि हजाम ने जानबूझकर टेंडर की बिड वैल्यू में बदलाव किए और बिल ऑफ क्वांटिटी (बीओक्यू) के साथ-साथ तुलनात्मक स्टेटमेंट में भी जालसाजी की.

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सरकार को उठाना पड़ा आर्थिक नुकसान

इस सुनियोजित धोखाधड़ी के जरिए निविदाओं को 42 लाख 48 हजार रुपये की बढ़ी हुई दर पर आवंटित कर दिया गया. इसके बाद संबंधित ठेकेदारों ने इसी ऊंची दर पर इनवॉइस तैयार किए, जिसके परिणामस्वरुप कंपनी को 29 लाख 60 हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा और सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. फिलहाल सीबीआई ने तमाम साक्ष्य जुटा लिए हैं और इस वित्तीय अनियमितता में शामिल अन्य कड़ियों को जोड़ने के साथ-साथ आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है.

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