– पीएनबी ने किया बड़ा खुलासा—हमारी शाखा से जारी ही नहीं हुई गारंटी, करोड़ों के प्रोजेक्ट में धोखाधड़ी का शक, प्रशासन हरकत में
Ranchi: आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर एक बड़ा खेल उजागर हुआ है. रांची के रातु स्थित ग्रामीण कल्याण अस्पताल, तिगरा के संचालन में फर्जी बैंक गारंटी लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस पूरे प्रकरण में संस्था TRY, रांची के सचिव उत्पल दत्त समेत संबंधित संचालकों के खिलाफ रातु थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. यह कार्रवाई प्रखंड कल्याण पदाधिकारी वर्षा आईन्द के लिखित आवेदन पर की गई, जिसके आधार पर 16 अप्रैल को बीएनएस की धारा 338, 336(3), 340(2) एवं 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
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कैसे खुला फर्जीवाड़े का पूरा खेल?
मामला तब सामने आया जब आदिवासी कल्याण विभाग की ओर से अस्पताल संचालन से जुड़ी बैंक गारंटियों का सत्यापन कराया गया. संस्था TRY, रांची ने वर्ष 2020 में लगभग 19.57-19.57 लाख रुपए की दो बैंक गारंटियां (B.G. No. 7845ILP002391 व 7845ILP002392) परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के रूप में जमा की थीं. इन दस्तावेजों को सत्यापन के लिए पंजाब नेशनल बैंक, पाटलिपुत्रा कॉलोनी, पटना भेजा गया. बैंक ने 18 जुलाई 2025 को ईमेल के जरिए चौंकाने वाला जवाब दिया. बताया हमारी शाखा से इस प्रकार की कोई बैंक गारंटी जारी ही नहीं की गई है.
अस्पताल संचालन पर उठे गंभीर सवाल
फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर तिगरा (रातु) और गांदो (दुमका) जैसे आदिवासी क्षेत्रों के अस्पतालों का संचालन लिया जाना अब बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रहा है. सवाल उठ रहे हैं कि बिना वैध वित्तीय सुरक्षा के इतने महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान कैसे संचालित किए जा रहे थे. प्रशासन ने इसे गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता मानते हुए आपराधिक मामला दर्ज कराया है. पुलिस अब बैंक गारंटी से जुड़े दस्तावेजों की जांच, संबंधित अधिकारियों और संस्था की भूमिका, और पूरे टेंडर/एग्रीमेंट प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है.
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बड़ा घोटाला उजागर होने के संकेत
सूत्रों के अनुसार, यह मामला केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि अन्य परियोजनाओं में भी इसी तरह की अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है. जांच आगे बढ़ने पर बड़े स्तर के वित्तीय घोटाले का खुलासा हो सकता है.
