LOHARDAGA: 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानी, अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के बलिदान दिवस के अवसर पर लोहरदगा में श्रद्धा और सम्मान के साथ पुष्पांजलि सह श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के लोहरदगा जिला अध्यक्ष उदय प्रसाद शेखर के अशोक नगर, ब्लॉक कॉलोनी स्थित आवासीय परिसर में संपन्न हुआ.
चित्र पर माल्यार्पण से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई. उपस्थित सभी लोगों ने उनके बलिदान को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान वक्ताओं ने उनके अदम्य साहस, वीरता और देशभक्ति की भावना को स्मरण करते हुए कहा कि ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष कर देश की आजादी की नींव मजबूत की थी.
1857 संग्राम के योगदान को किया गया याद
वक्ताओं ने कहा कि 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसमें ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जैसे वीरों का योगदान अविस्मरणीय है. उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देशवासियों में स्वतंत्रता के प्रति जागरूकता और संघर्ष की भावना पैदा की. ऐसे महान वीरों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता.
युवाओं से राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का आह्वान
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोगों ने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश के इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा लें तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं. उन्होंने कहा कि आज के समय में देशभक्ति का अर्थ केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे अपने कार्यों और आचरण में भी उतारना आवश्यक है.
गणमान्य लोगों की उपस्थिति
इस अवसर पर लाल राजेन्द्र प्रताप देव, पूर्व विधान पार्षद प्रवीण सिंह, उदय प्रसाद शेखर, लाल नवल किशोर नाथ शाहदेव, लाल अरविन्द नाथ शाहदेव, लाल नर्मदेश्वर नाथ शाहदेव, लाल दीपक नाथ शाहदेव, उदय चौहान, लाल रणविजय नाथ शाहदेव, भोला सिंह, अनिल सिंह, लाल विद्याविनय नाथ शाहदेव, लाल देवव्रत नाथ शाहदेव, लाल विक्रम नाथ शाहदेव, प्रणीत शाहदेव, लाल अविनाश नाथ शाहदेव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
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राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया. पूरे आयोजन के दौरान देशभक्ति का वातावरण बना रहा और उपस्थित लोगों ने एक स्वर में अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया.
