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विपक्ष के अवरोध से नारी शक्ति वंदन अधिनियम की राह में बाधा, देवेश तिवारी ने कांग्रेस-JMM को घेरा

Palamu: लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी बनाने हेतु प्रस्तुत 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर हुई कार्यवाही को लेकर ग्रामीण...

Palamu: लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी बनाने हेतु प्रस्तुत 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर हुई कार्यवाही को लेकर ग्रामीण विकास मंत्रालय (भारत सरकार) की राज्य स्तरीय दिशा समिति के सदस्य देवेश तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि कल का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक अवसर हो सकता था, लेकिन विपक्षी दलों के नकारात्मक रवैये के कारण देश की आधी आबादी को उनके हक से वंचित करने का प्रयास किया गया.

महिला सशक्तिकरण का मुद्दा

तिवारी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यह विधेयक महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर उनके राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होता. उन्होंने कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा और विशेष रूप से झारखंड मुक्ति मोर्चा पर प्रहार करते हुए कहा कि इन दलों ने विधेयक का समर्थन न करके महिलाओं की आकांक्षाओं और अधिकारों के प्रति अपनी उदासीनता जगजाहिर कर दी है.

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झारखंड की राजनीति पर निशाना

झारखंड की राजनीति का उल्लेख करते हुए तिवारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि एक ओर झामुमो राज्य में ‘मईया योजना’ के नाम पर महिला सम्मान का ढोंग करती है, वहीं दूसरी ओर संसद में महिलाओं के वास्तविक प्रतिनिधित्व का विरोध कर अपने दोहरे चरित्र को उजागर कर रही है. तिवारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा स्त्री सम्मान की केवल बातें की हैं, लेकिन जब अधिकारों को संवैधानिक धरातल पर उतारने का समय आया, तो उन्होंने मामले को ठंडे बस्ते में डालने की पुरानी रणनीति अपनाई.

सरकार की अपील और आगे की रणनीति

उन्होंने स्पष्ट किया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस पहल का समर्थन करने की अपील की थी, परंतु विपक्ष ने राष्ट्रहित के बजाय राजनीतिक स्वार्थ को प्राथमिकता दी. देवेश तिवारी ने संकल्प दोहराया कि लोकसभा में अवरोध के बावजूद एनडीए सरकार नारी सम्मान और सामाजिक न्याय की इस लड़ाई को और अधिक मजबूती से जारी रखेगी. उन्होंने कहा कि अब देश की जनता स्वयं इन दलों से उनकी कथनी और करनी के अंतर पर जवाब मांगेगी.

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