Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश दीपक रोशन की पीठ ने रिटायर्ड कर्मियों के पेंशन भुगतान मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्ती दिखायी. अदालत ने कहा कि अगर डेढ़ माह के भीतर रिटायर्ड कर्मियों का लंबित पेंशन का भुगतान नहीं होता है तो प्रधान सचिव का वेतन रोक दिया जाए. हाई कोर्ट ने अल्टीमेटम जारी करते हुए कहा है कि आज की सुनवाई के उपरांत अगर आदेश का पालन नहीं होता है तो वेतन स्वत: रुक जाएगा. दरअसल माइंस बोर्ड हजारीबाग के सेवानिवृत कर्मचारी रविंद्र नाथ एवं अन्य की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि सरकार द्वारा वेतन भुगतान नहीं करना और आदेश के खिलाफ देरी से अपील दाखिल करना सीधे-सीधे न्याय को टालने और व्यवस्था को कमजोर करने के जैसा है. ऐसे मामलों में अदालत चुप नहीं बैठेगी. वहीं अदालत में अगली सुनवाई में नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव, कार्यपालक पदाधिकारी, हजारीबाग के उपायुक्त, कार्यपालक पदाधिकारी रामगढ़ एवं रामगढ़ उपायुक्त को सशरीर उपस्थित रहने को कहा है.
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पूर्व में जारी हो चुका है अवमानना का नोटिस नोटिस, DC-EO का रोका गया है वेतन
बता दें कि इस मामले में 2 साल से पेंशन भुगतान लंबित था. पिछले 20 मार्च 2026 को अदालत द्वारा आदेश जारी किया गया था. लेकिन जब आदेश का अनुपालन नहीं हुआ तो अवमानना का मामला दाखिल किया गया. इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने प्रधान सचिव, कार्यपालक पदाधिकारी, हजारीबाग के उपायुक्त, कार्यपालक पदाधिकारी रामगढ़ और रामगढ़ उपायुक्त को अवमानना का नोटिस जारी किया गया था. वहीं हजारीबाग एवं रामगढ़ के उपायुक्त, हजारीबाग एवं रामगढ़ के कार्यपालक पदाधिकारी के वेतन पर रोक लगा दी गयी थी. अदालत की अनुमति के बाद ही वे वेतन निकल सकते हैं.
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