बोकारो में अवैध कारोबारी ‘सिंडिकेट’ की सांसें अटकीं, नए पुलिस कप्तान के आगमन से अवैध गलियारों में पसरी है भारी खामोशी

  Bokaro (Bermo): बोकारो जिले में अवैध कारोबार की जड़ों पर पिछले एक सप्ताह से जिस तरह का प्रशासनिक सन्नाटा छाया हुआ...

 

Bokaro (Bermo): बोकारो जिले में अवैध कारोबार की जड़ों पर पिछले एक सप्ताह से जिस तरह का प्रशासनिक सन्नाटा छाया हुआ है, उसने महीनों पुरानी परंपराओं को मौन कर दिया है. कोयला, बालू और लोहे के अवैध साम्राज्य में ऐसी वीरानी पहले कभी नहीं देखी गई

नए एसपी के आगमन के बाद बढ़ी हलचल

शनिवार को जिले के नए पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा द्वारा पदभार ग्रहण किए जाने के बाद अब यक्ष प्रश्न यह है कि क्या यह चुप्पी भविष्य की किसी बड़ी कार्रवाई का संकेत है या फिर धंधेबाज केवल वक्त कटने का इंतजार कर रहे हैं.

हाईकोर्ट की सख्ती से मचा हड़कंप

जिले में इस सन्नाटे की नींव निवर्तमान एसपी हरविंदर सिंह के अंतिम एक सप्ताह के कार्यकाल के दौरान पड़ी, जब पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के पुष्पा चर्चित मामले में पुलिसिया कार्यशैली को लेकर हाईकोर्ट ने बेहद तल्ख टिप्पणी की थी. इस न्यायिक सख्ती का असर यह हुआ कि मुख्यालय बोकारो से लेकर थानों तक हड़कंप मच गया और आनन-फानन में जिले भर में संचालित सभी अवैध कोयला व बालू के ठिकानों पर सन्नाटा छा गया.

28 पुलिसकर्मियों के निलंबन पर उठे सवाल

हालांकि, पिंड्राजोरा थाने के 28 पुलिसकर्मियों के सामूहिक निलंबन ने विभाग के भीतर भी कई सवाल खड़े किए. जिस मामले में जवाबदेही मुख्यतः थाना प्रभारी, आईओ और मुंशी की थी, वहां एक ही डंडे से सबको हांकने की कार्रवाई को अदालत ने भी तर्कसंगत नहीं माना था.

जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें

वर्तमान में सिटी डीएसपी आलोक रंजन की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं, जिससे दोषी और निर्दोष के बीच का अंतर स्पष्ट होने की उम्मीद है.

नए एसपी के सामने बड़ी चुनौती 

नए एसपी नाथू सिंह मीणा के सामने अब चुनौतियों का पहाड़ खड़ा है. उनके लिए सबसे कठिन परीक्षा जिले के विभिन्न थानों में मकड़जाल की तरह फैले अवैध आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है.

हर थाना क्षेत्र में माफियाओं की नजर

महुआटांड़ से लेकर चंद्रपुरा, दुग्दा तक और बेरमो से लेकर नावाडीह, पेंक नारायणपुर तक, जरीडीह, पेटरवार, कथारा ओपी, तेनुघाट ओपी, जगेश्वर विहार से लेकर बोकारो थर्मल तक, ऐसा कोई भी थाना क्षेत्र नहीं है जहां माफियाओं की नजरें नए कप्तान की कार्यप्रणाली को भांपने में न लगी हों अवैध कारोबारी फिलहाल इस फिराक में हैं कि कब प्रशासनिक शिकंजा ढीला हो और कब वे अपनी पुरानी व्यवस्था को दोबारा पटरी पर ला सकें.

जनता का भरोसा बहाल करना भी जरूरी 

नए कप्तान के लिए यह समय न केवल अपराध पर नकेल कसने का है, बल्कि पुलिस के प्रति आम जनता के डगमगाते विश्वास को भी सुदृढ़ करने का है.

आने वाले दिन तय करेंगे दिशा

माफिया जगत में छाई यह धुंध छंटेगी या नए एसपी के हंटर से यह सन्नाटा और गहरा होगा, इसका जवाब आने वाले कुछ दिन देंगे. फिलहाल, थानों से लेकर कोयलांचल की खादानों तक पसरी यह खामोशी बोकारो पुलिस के लिए एक नई अग्निपरीक्षा का आगाज है.

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