Ranchi: झारखंड के शहरों को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में नगर विकास एवं आवास विभाग ने अपनी तैयारी तेज कर दी है. विभाग के अंतर्गत आने वाली विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं जैसे भवन निर्माण, जल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक स्थानों के सौंदर्यीकरण के लिए अब सटीक बजट निर्धारण किया जाएगा.
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बाजार दरों का होगा सही मूल्यांकन
विभाग ने तय किया है कि इन सभी परियोजनाओं में उपयोग होने वाली सिविल निर्माण सामग्री और अन्य वस्तुओं के लिए प्रतिष्ठित निर्माताओं और अधिकृत डीलरों से ई-कोटेशन आमंत्रित किए जाएंगे. इसका उद्देश्य बाजार की न्यूनतम और प्रतिस्पर्धी दरों का सही मूल्यांकन करना है, ताकि सरकारी योजनाओं के अनुमान वास्तविक दरों पर आधारित हों.
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
कोटेशन देने वाली फर्म के पास वैध जीएसटीएन होना अनिवार्य होगा. आपूर्तिकर्ताओं को अपनी दरें जीएसटी को छोड़कर पोर्टल पर दर्ज करनी होंगी. इस प्रक्रिया से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी. साथ ही विकास कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी.
