हजारीबाग में सक्रिय हैं कोयला, बालू और पत्थर तस्करी का संगठित नेटवर्क सक्रिय, नए एसपी की कार्रवाई पर टिकी नजरें

HAZARIBAGH: हजारीबाग जिले में कोयला , पत्थर बालू का संगठित नेटवर्क वर्षों से सक्रिय हैं. इस अवैध कारोबार में कोयला-बालू, पत्थर माफिया...

HAZARIBAGH: हजारीबाग जिले में कोयला , पत्थर बालू का संगठित नेटवर्क वर्षों से सक्रिय हैं. इस अवैध कारोबार में कोयला-बालू, पत्थर माफिया के साथ खनन विभाग, पुलिस, पत्रकार और सफेदपोश सभी शामिल हैं. सबकी अपनी हिस्सेदारी हैं, कभी-कभी हिस्सेदारी के सवाल पर आपसी टकराव भी होते रहती है. खुफिया विभाग ने 2024-2026 के बीच आधा दर्जन से अधिक गोपनीय पत्र राज्य मुख्यालय और गृह विभाग को भेजा हैं जिसमें इस काले धंधे में शामिल विभिन्न विभागों के अधिकारियों और पत्रकारों के भी शामिल हैं. पुलिस विभाग के एक वरीय अधिकारी ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि गृह विभाग को पूरे नेटवर्क से वाकिफ कराया गया है. विशेष शाखा की रिपोर्ट पर पूर्व में भी टीम बनाकर छापेमारी की गयी थी फिर से इसपर सख्त कार्रवाई करने की जरुरत है.

थानों की सीमा में फैला अवैध कारोबार का जाल

हैरत की बात है कि जिस विभाग पर अवैध कारोबार को रोकने की जिम्मेवारी हैं वहीं प्राकृतिक संसाधनों को लूटवाने में लगा हैं जिससे सरकार को काफी राजस्व की क्षति हो रही हैं. जिले के चुरचु, बड़‌कागांव, चरही, उरीमारी थाना क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर कोयले और बालू का अवैध उत्खनन और परिचालन हो रहा हैं. बड़कागांव थाना क्षेत्र के लकुरा, इंजरा, नापो, गोंदलपुरा, रुदी, आंगो, चेलगदाग, हथियापत्थर, पलांडू, देवगढ़, उरीमारी, चंदौल, बादम, केरेडारी और चुरचू थाना क्षेत्र के 42 कॉलोनी, पिंडरा, राउता, बसबोनवा से शुरू होकर चुरचू-आंगो, केदला, बसंतपुर, चुटुकानाला, तापिन नार्थ, नोनियाबेड़ा, रंगूबेड़ा, करमाबेड़ा होते हुए चरही थाना क्षेत्र का पूरा इलाक कोयला तस्करी का प्रमुख कॉरिडोर बन गया है.

कोयला और बालू डंपिंग का बड़ा नेटवर्क

जोराकाठ, चपरी, सेहदा, बरगइयां रेलवे साइडिंग, 15 माइल और इंद्रा में बड़े पैमाने पर अवैध कोयले का डंप किया जा रहा है.

इन तमाम स्थानों से कोयले का अवैध

उत्खनन कर सैकड़ों टन कोयला डंप किया जाता हैं फिर उसका उठाव कर मंडियों में भेजा जाता हैं. इसी तरह बड़कागांव थाना क्षेत्र से सोनपुरा, महुंदी, विश्रामपुर, बदमाही नदी, उरीमारी और चलकुशा घाना क्षेत्र बड़कन गांगो और बरकडा थाना क्षेत्र के जतपपरा, इवाक थाना क्षेत्र के अलौजा और सिवाने नदी से अवैध उत्खनन, उठाव और परिचालन किया जा रहा हैं.

प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों से हो रहा परिवहन

प्रत्येक दिन 60-70 टीपर और 150 से ट्रैक्टर से अधिक बालू शहर और इसके आसपास के क्षेत्र में आ रहा है. इन क्षेत्रों में पड़ने वाला सभी थानों की अपनी हिस्सेदारी है. पुलिस और खनन विभाग के संरक्षण में होने वाले इस अवैध कारोबार के कारण सरकार को प्रत्येक दिन करोड़ों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है.

Also Read: हजारीबाग में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, बिना मान्यता स्कूलों और डबल नामांकन का मामला उजागर

नए एसपी के सख्त रुख से माफिया बैकफुट पर

हजारीबाग में नये एसपी के तौर पर अमन कुमार पदस्थापित हुए हैं. पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने जिस तरीके से माफियाओं और अपराधकर्मियों के खिलाफ अभियान चलाया है उससे उनकी नींद हराम हो गयी है. एसपी की बढ़ती सक्रीयता को देखकर कोयला, पत्थर और बालू माफिया बैकफुट पर आ गये हैं. माफियाओं की लगातार बैठके हो रही है. चुरचू और बड़कागांव के जिन स्थानों पर कोयला डंप किया गया हैं उसका उठाव अभी नहीं हो रहा हैं. कोयला माफिया अपने अनुकूल स्थिति बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं लेकिन एसपी की सख्ती के कारण उनकी योजना सफल नहीं हो पा रही है.

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में उठ रहे सवाल

हजारीबाग के विभिन कोलयरियों से निकाले जाने वाला कोयला यूपी बिहार की मंडियों में खपाया जाता है जबकि नदियों से निकलने वाला बालू सरकारी और गैर सरकारी परियोजनाओं में लगाया जा रहा है. हजारीबाग के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारे में यह सवाल जोरदार तरीके से उठ रहा हैं कि क्या माफियाओं की गतिविधियों पर स्थायी विराम लगेगा या वे नये सिरे से अपने नेटवर्क को बनाने में कामयाब हो जायेंगे. एसपी के आगे की गतिविधियों पर सबकी नजर टिकी हुई है.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *