सिसई में सामूहिक पहल से प्रेमी युगल की कराई गई शादी, समाज में गया सकारात्मक संदेश

Gumla: गुमला जिला के सिसई आजीविका न्याय सलाह केंद्र में एक केस आया था, जिसमें लड़का-लड़की दो साल से एक साथ रिलेशनशिप...

Gumla: गुमला जिला के सिसई आजीविका न्याय सलाह केंद्र में एक केस आया था, जिसमें लड़का-लड़की दो साल से एक साथ रिलेशनशिप में थे और लड़का अपने घर में लड़की को रखा था, लेकिन अब लड़का शादी करने से मना कर रहा था.

गांव में बैठक कर दोनों पक्षों के बीच कराया गया समझौता

इस मामले को लेकर सिसई GRC के माध्यम से गांव मुर्गू चारको अंबा टोली में मुखिया और ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में बदलाव मंच की बैठक करवाई गई. दोनों पक्षों की बात सुनते हुए समझौता कराया गया, जिसके बाद लड़का और लड़की दोनों की शादी करवाई गई. शादी के बाद दोनों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली.

आजीविका दीदियों की पहल से टली बड़ी समस्या

सिसई की आजीविका दीदियों के माध्यम से किया गया यह प्रयास काफी सराहनीय माना जा रहा है. यदि लड़की की शादी नहीं हो पाती तो आने वाले समय में उसका जीवन प्रभावित हो सकता था, लेकिन दोनों के बीच समझौता कर शादी करवाने की इस पहल की सभी लोग प्रशंसा कर रहे हैं.

इसमें मुखिया, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य लोगों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा. सामाजिक कार्यकर्ताओं की पहल के बाद दोनों प्रेमी अलग होने से बच पाए और उनके बेहतर गृहस्थ जीवन की शुरुआत हो सकी.

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पारा लीगल दीदियों ने बताया पूरा मामला

पारा लीगल दीदी लक्ष्मी देवी और चिंतामणि देवी ने बताया कि जैसे ही इस मामले की जानकारी मिली, युवती ने बताया कि उसके माता-पिता नहीं हैं और प्रेमी ने दो साल तक संबंध रखने के बाद अब शादी से इनकार कर दिया था. इससे वह काफी परेशान थी और मजबूर होकर उनके पास आई थी.

इसके बाद पारा दीदियों के प्रयास और काउंसिलिंग के माध्यम से प्रेमी जोड़ी की शादी करवाई गई, जिससे युवती का जीवन बर्बाद होने से बच गया.

समाज के लिए बना सकारात्मक उदाहरण

लक्ष्मी देवी ने कहा कि वे लगातार काउंसिलिंग के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम कर रही हैं. इस तरह के मामलों को सुलझाने में जीसीआरपी अनीता किंडो, अनीता देवी, जानकी देवी, विभा देवी और रीता देवी का भी सराहनीय योगदान रहता है.

इस पहल के बाद समाज में एक सकारात्मक संदेश गया है कि बेटियां समाज की जिम्मेदारी होती हैं और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है. कई बार देखने को मिलता है कि लड़कियां प्रेम संबंध में धोखा खाने के बाद गलत निर्णय लेने को मजबूर हो जाती हैं, जिससे उनका जीवन प्रभावित होता है, लेकिन इस मामले में समय रहते पहल कर एक बेहतर संदेश देने का काम किया गया.

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