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सिमडेगा: बेलकरघा ढलान से जराकेल तक NH320G बाईपास सड़क का ग्रामीणों ने किया विरोध

Bano: प्रखंड के बेलकरघा ढलान से जराकेल तक बन रही एनएच-320जी बाईपास सड़क के निर्माण कार्य का गुरुवार को ग्रामीणों ने विरोध...

NH320G bypass
बाईपास सड़क का विरोध करते ग्रामीण

Bano: प्रखंड के बेलकरघा ढलान से जराकेल तक बन रही एनएच-320जी बाईपास सड़क के निर्माण कार्य का गुरुवार को ग्रामीणों ने विरोध किया. आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर पोकलेन और जेसीबी मशीनों के कार्य को रोक दिया.  उनका आरोप है कि बिना ग्राम सभा की अनुमति के बाईपास सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित बाईपास सड़क खेती योग्य जमीन से होकर गुजर रही है, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा. उन्होंने मांग की, कि बाईपास के बजाय बानो बिरसा चौक से गुजरने वाली पुरानी सड़क का ही चौड़ीकरण किया जाए.

ग्राम सभा की बैठक किए बिना ही किया गया कार्य शुरू

प्रखंड सांसद प्रतिनिधि अजीत कंडुलना ने बताया कि ग्राम सभा की बैठक किए बिना ही कार्य शुरू कर दिया गया, जो नियमों के विरुद्ध है. उन्होंने कहा कि झारखंड में पेसा कानून लागू है और इसके तहत किसी भी परियोजना के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है. उन्होंने भू-अर्जन विभाग और अंचल कार्यालय से पूरी प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के ग्रामीण यह जानना चाहते हैं कि सिमडेगा जिला मुख्यालय में बाईपास अभी तक नहीं बना है, प्रशासन की ऐसी क्या मजबूरी हो गई है जो बाईपास सड़क बानो में बनाया जा रहा है.

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भूमि अधिग्रहण से पहले नहीं दी गई सूचना

वहीं, ग्रामीण मथियास लुगुन ने कहा कि उन्हें मुआवजा नहीं चाहिए, बल्कि उनकी पुश्तैनी जमीन सुरक्षित रहनी चाहिए. ग्रामीणों का तर्क है कि जिला मुख्यालयों में भी बाईपास नहीं बना है, ऐसे में छोटे क्षेत्र बानो में इसकी आवश्यकता समझ से परे है. ग्रामीण महिलाओं ने भी विरोध जताते हुए कहा, कि उक्त भूमि पर खेती के साथ महुआ और कुसुम जैसे पेड़ों से भी आय होती है. सड़क निर्माण से उनकी जमीन और संसाधन पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे, जिससे आने वाली पीढ़ियों पर गंभीर असर पड़ेगा. ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में उपायुक्त को आवेदन भी सौंपा गया है.  उनका आरोप है कि भूमि अधिग्रहण से पहले न तो 45 दिन पूर्व कोई विधिवत सूचना दी गई और न ही ग्राम सभा की सहमति ली गई. यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची और सीएनटी एक्ट के अंतर्गत आता है, जहां जमीन अधिग्रहण के लिए पूर्ण सहमति आवश्यक होती है.

मौके पर ये रहे उपस्थित

इस दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता, तब तक बाईपास सड़क निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा.  मौके पर कांग्रेस प्रखंड महासचिव अभिषेक बागे, महासचिव हर्षित संगा, पाहन प्रमोद लुगुन, उपमुखिया बानो मैक्लीन लुगुन, सुधीर लुगुन, मथियास लुगुन, हेमंत लुगुन, सुभानी भेंगरा, बहमनी लुगुन, अनुजुलिना लुगुन, प्यारी लुगुन, अमोला लुगुन, जोशेप लुगुन, कुशल लुगुन, सुनील लुगुन, जुयाल लुगुन, सुशील लुगुन, प्रकाश लुगुन, सुदर्शन लुगुन समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे और एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया.

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