Chakradharpur: कराईकेला में बाल अधिकार सुरक्षा मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक मंच के अध्यक्ष तीरथ जामुदा की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक में क्षेत्र की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी पर गहरा रोष व्यक्त किया गया.
स्कूलों की बदहाल स्थिति पर जताई चिंता
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष तीरथ जामुदा ने कहा कि क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की स्थिति काफी चिंताजनक है. स्कूलों में स्वच्छ पेयजल और शौचालयों की घोर कमी है, जिससे छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
दस्तावेजों के अभाव में बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का आरोप
उन्होंने कहा कि आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों के अभाव में बच्चों को शिक्षा से वंचित किया जा रहा है, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) का स्पष्ट उल्लंघन है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि दस्तावेजों की कमी के आधार पर किसी भी बच्चे को स्कूल में प्रवेश देने से इनकार नहीं किया जा सकता.
विधानसभा स्तरीय धरना प्रदर्शन का निर्णय
शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार और स्कूलों में व्याप्त समस्याओं को दूर करने की मांग को लेकर बाल अधिकार सुरक्षा मंच ने विधानसभा स्तरीय एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है. इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार का ध्यान स्कूलों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया जाएगा और मांग पत्र सौंपा जाएगा.
मंच ने रखीं प्रमुख मांगें
मंच की प्रमुख मांगों में स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में तत्काल सुधार, सभी विद्यालयों में पेयजल और शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करना, दस्तावेजों के नाम पर बच्चों को शिक्षा से वंचित करने पर रोक लगाना और डेस्क-बेंच जैसे जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है.
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
बैठक में मुखिया मिथुन गागराई, सावित्री मेलगांडी, सुनील लागुरी, मंगरा बोदरा, राजेश गागराई, रुपेश सरकार, सेलाय बोदरा, किरण गागराई, लक्ष्मी बोदरा, गंगाधर प्रधान, निरंजन नायक समेत कई गणमान्य लोग और ग्रामीण मौजूद रहे.
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