भानु प्रताप शाही पर जेएमएम का तीखा हमला: चंदन प्रकाश सिन्हा ने घोटाले और बाहरी भाषा के मुद्दे पर घेरा

​Plamu: जिले के मेदिनीनगर में झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य सह जिला प्रवक्ता चंदन प्रकाश सिन्हा ने भाजपा नेता भानु...

​Plamu: जिले के मेदिनीनगर में झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य सह जिला प्रवक्ता चंदन प्रकाश सिन्हा ने भाजपा नेता भानु प्रताप शाही पर कड़ा प्रहार किया है, एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उन्होंने शाही के बयानों को ‘चोर मचाए शोर’ वाली कहावत के समान बताया.

​घोटालों और भ्रष्टाचार पर प्रहार

चंदन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि भानु प्रताप शाही अपने 130 करोड़ के घोटाले से ध्यान भटकाने और भाजपा के प्रति वफादारी साबित करने के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि घोटाले में गले तक डूबे व्यक्ति का भ्रष्टाचार पर बोलना ‘भूत के मुख से राम नाम’ के समान है, जेएमएम नेता ने आरोप लगाया कि रघुवर दास के कार्यकाल के दौरान झारखंड के 13 जिलों की नियुक्तियां बाहरी राज्यों के छात्रों को ‘बेच’ दी गई थीं, विरोध करने वाले स्थानीय युवाओं पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया, जिसका दंश राज्य के युवा आज भी झेल रहे हैं, उन्होंने दावा किया कि भाजपा के शासनकाल में झारखंड के 15 लाख लोगों को मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ा.

​भोजपुरी और क्षेत्रीय भाषा विवाद

सिन्हा ने भानु प्रताप शाही से सवाल किया कि वे बताएं कि भोजपुरी झारखंड के किस क्षेत्र की स्थानीय भाषा है, उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भोजपुरी को शामिल कराकर बिहार और अन्य राज्यों के युवाओं को झारखंड में नौकरी दिलाना चाहती है, ताकि स्थानीय युवाओं के अधिकारों को छीना जा सके, उन्होंने याद दिलाया कि रघुवर दास ने बिहार चुनाव के दौरान बाहरी लोगों के लिए नौकरियों के दरवाजे खुले होने की बात कही थी, और अब वही दरवाजे बंद होते देख भाजपा नेता तिलमिला रहे हैं.

​बकाया राशि और ब्राह्मण कार्ड पर पलटवार

जेएमएम प्रवक्ता ने शाही को चुनौती दी कि अगर वे खुद को मुखर नेता मानते हैं, तो केंद्र सरकार से झारखंड के हक के 1,36,000 करोड़ रुपये की बकाया राशि क्यों नहीं मांगते, सरनेम को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि भाजपा ब्राह्मणों को केवल वोट बैंक समझती है, उन्होंने रघुवर दास के गढ़वा वाले बयान की याद दिलाते हुए कहा कि भाजपा का असली चेहरा किसी से छुपा नहीं है, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा में ब्राह्मणों को जो सम्मान और स्थान प्राप्त है, उसकी कल्पना भी भाजपा में नहीं की जा सकती.

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