Ranchi: झारखंड स्टेट बार काउंसिल के चुनाव की मतगणना पूरी होने और विजय हो चुके उम्मीदवारों की घोषणा के बाद भी नई कार्यकारिणी का भविष्य फिलहाल अधर में लटका नजर आ रहा है. 21 अप्रैल 2026 को मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद वकीलों की इस शीर्ष संस्था को अपनी नई कार्यकारिणी के लिए अभी और इंतजार करना होगा.
सजायाफ्ता उम्मीदवार बना कारण
यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि चुनावी मैदान में उतरे एक उम्मीदवार पूर्व में सजायाफ्ता हो चुके हैं. इस आधार पर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) ने उनकी उम्मीदवारी को अमान्य करार देते हुए रोक लगा दी और उनके स्थान पर दूसरे उम्मीदवार को विजेता घोषित करने का आदेश जारी किया है.
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अपील से मामला उलझा
लेकिन इस निर्णय के खिलाफ उम्मीदवार महेश तिवारी ने उच्च स्तरीय चुनाव समिति के समक्ष अपील दायर की है. जिसके बाद से मामला कानूनी प्रक्रियाओं में उलझ गया है.
सुनवाई में निर्देश
इस मामले पर 30 अप्रैल 2026 को उच्च स्तरीय चुनाव समिति के समक्ष महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान समिति ने चुनाव पदाधिकारी के मार्गदर्शन की मांग पर स्पष्ट निर्देश दिया कि फिलहाल चुनाव परिणाम घोषित न किए जाएं.
अगली सुनवाई की तारीख
लेकिन 1 मई 2026 को दोबारा सुनवाई निर्धारित थी, जिसमें शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभय मिश्रा उपस्थित हुए. समिति के सभापति की अनुपस्थिति की वजह से सुनवाई पूरी नहीं हो सकी और अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 मई 2026 को तय की गई है. मामले में देरी को लेकर अधिवक्ता समाज में असंतोष दिख रहा है.
