Hazaribagh: जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में पिछले दिनों हुई मंजू देवी की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. जिसे शुरुआत में अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई गोलीबारी और लूट की कोशिश माना जा रहा था, वह दरअसल मृतका के पति द्वारा रची गई एक सोची-समझी साजिश निकली.
क्या था मामला?
बीती 26 अप्रैल की रात कोल्हे रेलवे स्टेशन के पास उस वक्त हड़कंप मच गया था, जब बाइक सवार पति-पत्नी पर अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी. इस हमले में मंजू देवी को गोली लगी थी, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई. वहीं उनके पति विकास प्रजापति भी घायल हुए थे. विकास ने पुलिस को दिए बयान में इसे लूट के इरादे से किया गया हमला बताया था.
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SIT की जांच में खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग एसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया. जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और घटनास्थल का जांच किया तो विकास के बयानों में कई विरोधाभास मिले. कड़ाई से पूछताछ करने पर विकास टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
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हत्या की वजह और साजिश
पुलिस के अनुसार, विकास प्रजापति का अपनी पत्नी मंजू देवी के साथ लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था. अपनी पत्नी से छुटकारा पाने के लिए उसने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई. इस साजिश में उसने अपने पिता और कुछ स्थानीय अपराधियों को भी शामिल किया. खुद पति विकास प्रजापति, विकास के पिता नरेश प्रजापति, लालेश्वर गंझू और सुनील गंझू योजना के मुताबिक सुनसान रास्ते पर लूट का नाटक किया गया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके. विकास जानबूझकर उस रास्ते से गुजरा जहां उसके साथी पहले से देसी कट्टे के साथ घात लगाकर बैठे थे. पुलिस ने अब तक इस मामले में मुख्य आरोपी विकास प्रजापति उसके पिता नरेश प्रजापति और सहयोगी लालेश्वर गंझू को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने इनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई बिना नंबर वाली यामाहा मोटरसाइकिल और एक काला पर्स बरामद किया है.
