Tamad: प्रकृति का उग्र रूप किसी की पूरी दुनिया को पलभर में कैसे छीन सकता है, इसका एक उदाहरण तमाड़ प्रखंड से सामने आया है. पुंडीदिरी पंचायत के लोहड़ी गांव में आई तेज आंधी ने एक वृद्ध महिला का आशियाना छीन लिया, और अब वह अपने बेटे के साथ बेघर होकर दूसरों के सहारे जीने को मजबूर है. मिली जानकारी के अनुसार, बीते दिनों चली तेज आंधी ने रगड़ी देवी के घर की छत को पूरी तरह उड़ा दिया. देखते ही देखते उनका पक्का घर मलबे में तब्दील हो गया. जिस घर में उम्रभर की जमा-पूंजी और यादें थीं, वह अब सिर्फ टूटी दीवारों और बिखरे सपनों में बदल चुका है.
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प्रशासन से मदद मुहैया कराने की मांग
घटना के बाद से रगड़ी देवी और उनका बेटा गांव के ही दूसरे लोगों के घरों में शरण लेकर किसी तरह दिन काट रहे हैं. न सिर पर छत है, न सुरक्षित ठिकाना—बस है तो अनिश्चितता और बेबसी. ग्रामीणों ने इसे लेकर गहरी चिंता जताई है. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव की संवेदनशीलता की परीक्षा है. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़िता को जल्द से जल्द राहत सामग्री और आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वह फिर से सम्मानपूर्वक अपना जीवन शुरू कर सके.
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