जनगणना ड्यूटी में फंसा शिक्षकों का ग्रीष्मावकाश, क्षतिपूर्ति की मांग तेज, JPSS ने सरकार पर बनाया दबाव

Ranchi: झारखंड में जनगणना-2027 में शिक्षकों की ड्यूटी पर विवाद गहराता जा रहा है. झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ (JPSS) ने राज्य सरकार...

Ranchi: झारखंड में जनगणना-2027 में शिक्षकों की ड्यूटी पर विवाद गहराता जा रहा है. झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ (JPSS) ने राज्य सरकार से मांग की है कि ग्रीष्मावकाश के दौरान जनगणना कार्य में लगाए गए शिक्षकों को अतिरिक्त अर्जित अवकाश (EL) या समतुल्य क्षतिपूर्ति वेतन दिया जाए. संघ के अनुसार, 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रस्तावित जनगणना कार्य के कारण शिक्षकों का निर्धारित ग्रीष्मावकाश (22 मई से10 जून) पूरी तरह प्रभावित होगा, जिससे शिक्षक अपने वार्षिक अवकाश का लाभ नहीं ले पाएंगे.

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यह दोहरा अन्याय है: JPSS

संघ के प्रदेश अध्यक्ष आनंद किशोर साहू एवं महासचिव बलजीत कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षकों को साल में केवल 14 EL मिलती है, क्योंकि ग्रीष्मावकाश को ही उसका विकल्प माना जाता है. वहीं अन्य विभागों के कर्मियों को जनगणना ड्यूटी के बदले अतिरिक्त EL मिलता है. इसके बावजूद शिक्षकों को न अवकाश मिलेगा, न अतिरिक्त EL और न ही कोई क्षतिपूर्ति, यह सीधा दोहरा अन्याय

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सरकार को कई बार भेजा गया पत्र

JPSS ने इस मुद्दे पर पहले भी कई बार पत्रों के माध्यम से स्कूली शिक्षा विभाग, कार्मिक विभाग एवं जनगणना निदेशालय को पत्र भेजा है. साथ ही मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं वित्त सचिव को भी इसकी प्रतिलिपि प्रेषित की गई है. संघ ने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए ग्रीष्मावकाश के बदले अतिरिक्त EL या आर्थिक क्षतिपूर्ति का आदेश शीघ्र जारी किया जाए.

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