Ranchi: झारखंड में आगामी चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने संगठन को पूरी तरह एक्टिव मोड में डाल दिया है. प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों और नेताओं के बीच नई जिम्मेदारियों का बड़ा बंटवारा किया है, जिसका सीधा फोकस चुनावी तैयारी और जमीनी पकड़ मजबूत करना है. नई व्यवस्था के तहत प्रदेश उपाध्यक्षों को अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है. यानी अब हर बड़े नेता को एक तय इलाका मिला है, जहां वे पार्टी के कार्यक्रमों को जमीन पर उतारेंगे और संगठन को मजबूत करेंगे. राजमहल से लेकर सिंहभूम, रांची, धनबाद और जमशेदपुर तक सभी लोकसभा क्षेत्रों में अलग-अलग प्रभारियों की तैनाती की गई है.
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सभी प्रभारियों को सक्रिय रहने के निर्देश
प्रदेश नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि ये सभी प्रभारी आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव तक लगातार सक्रिय रहेंगे. उनका काम सिर्फ बैठकों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि गांव, वार्ड और पंचायत स्तर तक पार्टी की योजनाओं और अभियानों को पहुंचाना होगा. इसके लिए जिला कांग्रेस और स्थानीय नेताओं के साथ तालमेल बनाकर काम करना अनिवार्य किया गया है. संगठन को और धार देने के लिए प्रमंडल स्तर पर भी जिम्मेदारी तय की गई है. दक्षिणी छोटानागपुर, संथाल परगना, पलामू, कोल्हान और उत्तरी छोटानागपुर जैसे क्षेत्रों में वरिष्ठ नेताओं को कमान सौंपी गई है, ताकि अलग-अलग इलाकों में पार्टी की पकड़ मजबूत हो सके.
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पार्टी ने SIR प्रक्रिया की निगरानी के लिए भी अलग टीम तैयार की
इसके अलावा, पार्टी ने SIR प्रक्रिया की निगरानी के लिए भी अलग टीम तैयार की है. हर प्रमंडल में वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी देकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि चुनाव से जुड़े सभी काम और प्रक्रियाएं सही तरीके से मॉनिटर हों.
